DGCA ने क्रू मेंबर्स के साप्ताहिक विश्राम (Weekly Rest) को लेकर सभी ऑपरेटर्स को दिए गए अपने निर्देश वापस ले लिए हैं। यह नया नोटिफिकेशन उस समय आया है जब पायलट और क्रू की कमी के कारण हजारों इंडिगो यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। पीटीआई के मुताबिक, विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान के बीच कई विमानन कंपनियों को उड़ान शुल्क मानदंडों में ढील दी है। विमानन नियामक डीजीसीए ने पायलटों के लिए छुट्टियों की जगह साप्ताहिक विश्राम अवधि की अनुमति दी है।

DGCA के बयान में कहा गया है, “ऑपरेशन से जुड़ी जारी रुकावटों और विभिन्न एयरलाइंस से मिले अनुरोधों को देखते हुए, ताकि संचालन की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके… संदर्भित पैराग्राफ में दिया गया निर्देश कि साप्ताहिक विश्राम के लिए कोई छुट्टी बदली नहीं जा सकती, उसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है…”

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नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के महानिदेशक फैज अहमद किदवई ने शुक्रवार को इंडिगो के परिचालन में बड़े पैमाने पर पैदा हुए व्यवधान के बीच उड़ानों के सुचारू संचालन के लिए सभी पायलटों से सहयोग का अनुरोध किया। किदवई ने अपनी अपील में कहा कि परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण इंडिगो की मौजूदा उड़ान बाधाओं, अप्रत्याशित मौसम और बढ़ती मांग के कारण विमानन क्षेत्र इस समय काफी दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इन बाधाओं के कारण देरी हुई है, यात्रियों को असुविधा हुई है और विमानों के संचालन पर दबाव बढ़ा है। किदवई ने कहा, ‘‘अब कोहरे के मौसम, छुट्टियों और शादियों के मौसम को देखते हुए यह जरूरी है कि इंडस्ट्री और भी बड़ी ऑपरेशनल चुनौतियों के लिए तैयार रहे। यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है। मौसम संबंधी प्रभाव उड़ान सेवाओं के समय-निर्धारण एवं उनकी सुरक्षा को अधिक जटिल बना सकते हैं।’’

उन्होंने स्थिति को सक्रियतापूर्वक एवं सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने के लिए पायलट और विमानन कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया। उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) मानदंडों में ढील को लेकर कुछ हलकों में व्याप्त चिंताओं के बीच डीजीसीए ने कहा कि वह ‘एफडीटीएल के नागर विमानन प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।’ संशोधित FDTL नियमों का दूसरा चरण एक नवंबर से लागू हुआ है। इसके लिए समय से तैयारी नहीं कर पाने की वजह से इंडिगो में चालक दल की बड़े पैमाने पर कमी सामने आई है।

भाषा के इनपुट के साथ