Crude oil price today: तेल की कीमतों में तेजी या गिरावट की स्थिति हमेशा दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करती रही है। सऊदी अरब और रूस के बीच तेल उत्पादन की सीमा तय करने को लेकर करार पर सहमति न बन पाने के चलते एक बार फिर यह स्थिति पैदा हो गई है। कोरोना वायरस, चीन में आर्थिक सुस्ती, ग्लोबाइलजेशन पर नियंत्रण की कोशिश और अमेरिका के दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक बनने के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में सोमवार को तीन दशकों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।
इस स्थिति से एक तरफ तेल उत्पादक देशों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है तो वहीं भारत जैसे तेल आयातक देशों के मजे आ सकते हैं। दुनिया भर में ब्याज की दरें और महंगाई अपने निचले स्तर पर हैं। ऐसे में केंद्रीय बैंकों के पास तेल की कीमतों को बढ़ाने के लिए सीमित विकल्प ही बचे हैं।
