साल 2017 की दूसरी तिमाही में स्मार्टफोन की वैश्विक बिक्री में सालाना आधार पर 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों ने एपल की बाजार हिस्सेदारी में सेंध लगाते हुए 48 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल कर ली। मार्केट रिसर्च कंपनी काउंटरप्वाइंट रिसर्च की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक चीन की स्मार्टफोन कंपनियों ने भारत, दक्षिण एशिया और अफ्रीका समेत दुनिया भर में 48 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली है।

इसमें श्याओमी की बिक्री में 60 फीसदी, वीवो की 45 फीसदी, ओप्पो की 33 फीसदी और हुआवे की बिक्री में सालाना आधार पर 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एसोसिएट निदेशक तरुण पाठक ने एक बयान में कहा, “चीन की ब्रांडों ने न सिर्फ अपने देश में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि इसके साथ ही चीन की मुख्यभूमि से निकलकर दुनिया भर में अपना विस्तार किया है।”

काउंटरप्वाइंट के मुताबिक इस साल की छमाही के दौरान इन ब्रांडों को चीन से निकालकर दुनिया भर में अपने कारोबार का विस्तार करना जारी रखा है। समीक्षाधीन तिमाही में बिक्री के लिहाज से सैमसंग सबसे आगे रही और उसकी बाजार हिस्सेदारी 22 फीसदी रही। हालांकि उसकी बिक्री में इस दौरान पिछले साल की तिमाही की तुलना में महज 4 फीसदी की ही तेजी दर्ज की गई।

बता दें कि ये स्थिति तब है जब एप्पल ने अपने आईफोन के लिए ओएलईडी पैनल उत्पादन के लिए एलजी में 2.70 अरब डॉलर का निवेश किया है। द इन्वेस्टर में रविवार को प्रकाशित एक रपट के अनुसार, एप्पल ने कथित तौर पर कोरिया की डिस्प्ले बनाने वाली कंपनी को पैनल की आपूर्ति के लिए निवेश के तौर पर अग्रिम भुगतान किया है।

रपट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, “इस हालिया वित्त पोषण से एलजी के मासिक तौर पर छठीं पीढ़ी के ओएलईडी पैनल का उत्पादन 45,000 यूनिट हो जाएगा। एप्पल से कुल मिलाकर करीब 30,000 इकाई का ठेका मिलने की संभावना है।” इस समझौते पर एप्पल या एलजी के तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।