AMFI Recommendations for Budget 2026: म्यूचुअल फंड्स की रिटायरमेंट और पेंशन पर फोकस करने वाली स्कीम्स में पैसे लगाने वालों को वे सारे टैक्स बेनिफिट मिलने चाहिए, जो अभी सिर्फ नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करने पर मिलते हैं। बजट 2026 से पहले ये अहम सुझाव म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की शीर्ष संस्था एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI ने दिया है। 

AMFI ने अपने बजट प्रपोजल में सरकार से मांग की है कि म्यूचुअल फंड्स को भी NPS की तरह पेंशन-फोकस्ड स्कीम्स लॉन्च करने की इजाजत मिले और उन पर भी वैसी ही टैक्स छूट दी जाए। अगर यह प्रस्ताव मान लिया गया, तो रिटायरमेंट के लिए निवेश करने वालों को NPS और EPF के अलावा एक और मजबूत और फ्लेक्सिबल ऑप्शन मिल सकता है।

AMFI के सुझाव का क्या है मकसद

AMFI ने कहा है कि बजट 2026 में म्यूचुअल फंड लिंक्ड रिटायरमेंट स्कीम (MFLRS) शुरू करने की इजाजत दी जाए। संगठन का कहना है कि इस स्कीम से म्यूचुअल फंड्स के जरिए रिटायरमेंट सेविंग्स को बढ़ावा मिलेगा। अभी स्थिति यह है कि जो लोग रिटायरमेंट के लिए टैक्स बेनिफिट वाले ऑप्शन में निवेश करना चाहते हैं, उनके पास अभी मुख्य रूप से NPS का ही विकल्प है। म्यूचुअल फंड्स में लंबे समय के लिए निवेश करने पर भी कोई खास टैक्स इंसेंटिव नहीं मिलता है।

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NPS जैसा EEE टैक्स ट्रीटमेंट देने की मांग

AMFI के प्रस्ताव की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें म्यूचुअल फंड लिंक्ड रिटायरमेंट स्कीम (MFLRS) में निवेश पर ट्रिपल ई (EEE) टैक्स ट्रीटमेंट देने की मांग की गई है। यानी निवेश के समय टैक्स छूट, निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स बेनिफिट और रिटायरमेंट के समय पैसे निकालने पर भी टैक्स से राहत। यह मॉडल NPS और EPF जैसा होगा। इसके तहत कर्मचारी और एंप्लॉयर दोनों के कंट्रीब्यूशन पर अलग-अलग टैक्स डिडक्शन देने की मांग की गई है, ठीक वैसे ही जैसे अभी सेक्शन 80CCD के तहत मिलता है।

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रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए क्यों जरूरी है ये बदलाव

AMFI का कहना है कि म्यूचुअल फंड्स के पास अभी कोई ऐसा डेडिकेटेड रिटायरमेंट प्रोडक्ट नहीं है, जो टैक्स इंसेंटिव के साथ लंबे समय के निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग को बढ़ावा दे सके। जबकि हकीकत यह है कि म्यूचुअल फंड्स में SIP के जरिए हर महीने निवेश लगातार बढ़ रहा है और लोग इन्हें वेल्थ क्रिएशन का भरोसेमंद जरिया भी मान रहे हैं। अगर इसमें NPS जैसे टैक्स बेनिफिट जोड़ दिए जाएं, तो निवेशक रिटायरमेंट के लिए ज्यादा अनुशासन के साथ लंबी अवधि तक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

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निवेशकों को क्या होगा सीधा फायदा

अगर बजट 2026 में MFLRS को मंजूरी मिलती है, तो निवेशकों को कई स्तरों पर फायदा होगा। सबसे पहले, NPS और EPF के अलावा रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक नया ऑप्शनमिलेगा, जिसमें इक्विटी और डेट में संतुलित निवेश के जरिए बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना होगी। दूसरा, टैक्स छूट मिलने से नेट सेविंग्स बढ़ेंगी। तीसरा, म्यूचुअल फंड्स में ट्रांसपेरेंट तरीके से निवेश और बेहतर लिक्विडिटी के कारण निवेशकों को ज्यादा कंट्रोल और फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।

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रिटायरमेंट इकोसिस्टम को मिलेगा बूस्ट

AMFI का मानना है कि म्यूचुअल फंड आधारित पेंशन स्कीम्स शुरू होने से देश का रिटायरमेंट इकोसिस्टम मजबूत होगा। इससे लोगों को समय रहते रिटायरमेंट के लिए सेविंग की आदत पड़ेगी और भविष्य में सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का बोझ भी कम हो सकता है।