कनाडा की स्मार्टफोन कंपनी ब्लैकबेरी ने कहा है कि वह 30 नवंबर से पाकिस्तान में अपनी सेवाएं बंद कर रही है। कंपनी ने इसका कारण बताया है कि पाकिस्तान सरकार यूजर्स से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए दबाव डाल रही थी। कंपनी के मुताबिक वह ‘ग्राहकों की प्राइवेसी से समझौता’ नहीं कर सकती। लिहाजा पाकिस्तान से निकल जाने का फैसला किया गया। ब्लैकबेरी के सीईओ मार्टी बेयर्ड ने कंपनी के वेबसाइट पर जारी एक बयान में यह बात कही है।
बेयर्ड ने बयान में कहा कि पाकिस्तान में रुकने का मतलब ग्राहकों की प्राइवेसी की सुरक्षा के वादे से समझौता करना होगा। इसलिए कंपनी ने निकल जाने का फैसला किया। पाकिस्तान टेलीकम्यूनिकेशन अथॉरिटी (पीटीए) ने जुलाई में ही नोटिफाई कर दिया था कि दिसंबर से ‘सुरक्षा कारणों के चलते’ ब्लैकबेरी को देश में काम नहीं करने दिया जाएगा। तब ब्लैकबेरी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।
पाकिस्तान सरकार ब्लैकबेरी के डेटा पर एक्सेस चाहती थी। कंपनी ने यह देने से इनकार कर दिया। बेयर्ड के मुताबिक सरकार ब्लैकबेरी एंटरप्राइजेस सर्विसेज के पाकिस्तान में पूरे ट्रैफिक पर नजर रखना चाहती थी। इनमें ईमेल और ब्लैकेबेरी मैसेंजर सर्विसेज भी शामिल हैं।
एक समय ऐसा था जब ब्लैकबेरी का स्मार्टफोन बाजार में दबदबा था। लेकिन एप्पल के आईफोन और एंड्रॉयड के नित नए आ रहे माडलों ने कंपनी की हालत खस्ता कर दी। हालांकि, ब्लैकबेरी ने हाल ही में अपना नया एंड्राॅयड फाेन लॉन्च कर खुद की स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है।

