Budget 2019-20 for Public Transport Sector India: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2030 तक रेलवे आधारभूत ढांचे को 50 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तीव्र विकास एवं यात्री माल ढुलाई सेवा के लिए ‘‘पीपीपी मॉडल’’ का उपयोग किया जाएगा। सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि देश में 657 किलोमीटर मेट्रो रेल नेटवर्क परिचालन में आ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे ढांचागत सुविधा के लिये 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपये निवेश की जरूरत, तेजी से विकास और रेलवे में यात्री तथा माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार के लिये सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) का उपयोग किया जाएगा।’’
नदी मार्ग को लेकर भी चल रही प्लानिंग: वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार माल वहन के लिए नदी मार्ग का उपयोग करने की परिकल्पना भी कर रही है ताकि सड़क एवं रेल मार्ग पर भीड़भाड़ के कारण रुकावटें कम हो सकें।
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वित्त मंत्री ने बताया किखेलों के विकास के लिए बोर्ड बनाया जाएगा। 1 करोड़ छात्रों के लिए स्किल योजना लाई जाएगी। स्टार्ट-अप के लिए टीवी चैनल खुलेगा। रोजगार के मौके बनाने पर सरकार का जोर होगा। उजाला योजना के तहत 35 करोड़ एलईडी बल्ब अब तक बांटे जा चुके हैं। इस योजना के जरिए अब तक देश के 18341 करोड़ रुपए बचाए जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशनों को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा और रेलवे के मॉर्डनाइजेशन पर काम होगा। सरकार का गांव, गरीब और उद्योगों पर जोर है। 2022 तक सबको घर देने की योजना के तहत 1.95 लाख घर बनाए जाएंगे।