मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत सरकार नई शिक्षा नीति लाने जा रही है, जिसके तहत पूरी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा नीति देश में होगी। भारत शिक्षा के क्षेत्र में हब बन सकता है और इसके तहत स्टडी इन इंडिया की योजना लाई जा रही है। इसके तहत कुछ शिक्षा संस्थानों को और अधिक स्वायत्तता दी जाएगी। बाहर के छात्र यहां आकर पढ़ सकें इसके लिए इस योजना के तहत कार्य किए जाएंगे। विदेशी छात्रों को भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में आर्किषत करने के लिये ‘भारत में पढ़ो’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। वैश्विक स्तर के संस्थान के लिये 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पिछली सरकार के संशोधित अनुमान का तीन गुना अधिक है।
बता दें कि केंद्रीय बजट से युवाओं को काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि इस बजट में नई शिक्षा नीति, रिसर्च व हायर एजुकेशन की क्वॉलिटी को लेकर घोषणा होनी चाहिए। वहीं, एजुकेशन सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि मोदी सरकार शिक्षा बजट में 10 से 15 प्रतिशत तक इजाफा कर सकती है। उनका मानना है कि भारतीय शिक्षण संस्थानों को दुनिया के बेहतर एजुकेशन इंस्टिट्यूट की रेस में शामिल करने और विदेशी छात्रों को दोबारा भारत से जोड़ने की योजनाओं के लिए भी प्लानिंग होनी चाहिए।
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वित्त मंत्री ने बताया किखेलों के विकास के लिए बोर्ड बनाया जाएगा। 1 करोड़ छात्रों के लिए स्किल योजना लाई जाएगी। स्टार्ट-अप के लिए टीवी चैनल खुलेगा। रोजगार के मौके बनाने पर सरकार का जोर होगा। उजाला योजना के तहत 35 करोड़ एलईडी बल्ब अब तक बांटे जा चुके हैं। इस योजना के जरिए अब तक देश के 18341 करोड़ रुपए बचाए जा रहे हैं।
दुनियाभर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में पिछले तीन साल के दौरान गिरावट आने के बावजूद भारत में 2018- 19 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 6 प्रतिशत बढ़कर 64 अरब डालर से अधिक रहा है।
सरकार भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिये आकर्षक स्थान बनाने के प्रयास जारी रखेगी।
मोस्ट फेवर्ड FDI देश बनाने पर जोर रहेगा। बीमा में 100 फीसदी विदेशी निवेश, सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा बढ़ेगी। मीडिया में भी विदेशी निवेश बढ़ेगा।
शोध कार्यों को बढ़ावा व गुणवत्ता के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना के लिए बजट में प्रावधान हो सकता है। एनआरएफ का गठन प्रधानमंत्री की साइंटिफिक एडवाइजरी काउंसिल की सिफारिश पर सोसायटी एक्ट में हो रहा है। इसमें अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर वाइस होंगे। एनआरएफ इंप्रिंट, इंप्रेस व एसईआरबी के शोध कार्यों की निगरानी करेगा। केंद्र ने इसकी स्थापना का रोडमैप तैयार कर लिया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि देश में योजनाओं के बनने के साथ-साथ उन्हें पूरी तरह लागू भी करने की कोशिश की गई। अर्थव्यवस्ता में लगातार सुधार हो रहा है। देश को नई ऊंचाई पर ले जाना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश कर रही हैं। बजट भाषण पढ़ते हुए उन्होंने सरकार का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक है।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2019- 20 के बजट प्रस्तावों को शुक्रवार को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गठित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2019- 20 के बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश कर रही हैं। देश के इतिहास में पहली बार कोई महिला वित्त मंत्री बजट पेश कर रही है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय के प्रभारी के तौर पर बजट पेश किया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण संसद भवन पहुंच चुकी हैं और उन्होंने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर दिया है।