मानवीय अर्थव्यवस्था में गरीब कल्याण, श्रमिकों के साथ बेहतर व्यवहार, सामाजिक रूप से जागरूक निवेश, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, आदि तत्त्व शामिल…
मानवीय अर्थव्यवस्था में गरीब कल्याण, श्रमिकों के साथ बेहतर व्यवहार, सामाजिक रूप से जागरूक निवेश, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, आदि तत्त्व शामिल…
वर्तमान बाजार परिवर्तन के दौर में जहां ग्राहकों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, वहीं उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए…
हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार, शिक्षण संस्थाएं और तकनीकी संस्थान मिलजुल कर प्रभावी प्रयास करें और…
एक सुदृढ़ वित्तीय नियोजन परिवार के भविष्य के लिए सुरक्षा चक्र उपलब्ध कराता है। परिवार में आकस्मिक आयोजन, बीमारी, दुर्घटना…
ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में पहुंच एक बड़ी चुनौती है। ये बाजार काफी हद तक असंगठित हैं, जहां सामान्यतया जनसंख्या…
युवाओं को जब अच्छा रोजगार नहीं मिलेगा, तो पर्याप्त आय भी नहीं होगी। आय न होने के कारण बाजार में…
हमारे देश की मुख्य नदियों के अलावा हमें औसतन सालाना 11.70 करोड़ घनमीटर बारिश का पानी मिल जाता है। इसके…
स्टार्टअप की अवधारणा लगभग पंद्रह वर्ष पहले प्रचलन में आई, लेकिन पिछले पांच-छह वर्षों में इन उपक्रमों की रफ्तार काफी…
पर्यावरण संरक्षण के लिए ईएसजी व्यवस्था को कानूनी बाध्यता समझने के स्थान पर कंपनियां स्वयं अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें और…
बदलते बाजार परिदृश्य ने व्यक्ति की आदतों, रुचियों, आवश्यकताओं तथा भावनाओं में भी परिवर्तन किया है।
निवेशकों के हितों की सुरक्षा की दृष्टि से जहां सरकारी तथा वित्तीय बाजारों से जुड़ी विभिन्न एजंसियों को चौकन्ना रहने…
सरकारी कर्मचारियों की पेंशन की समस्या का संतोषजनक समाधान जरूरी है। वर्षों से चली आ रही पुरानी पेंशन योजना एक…