दही हांडी उत्सव में गोविंदाओं का जोश देखने लायक रहा।
सड़कों पर मानव पिरामिड बनाते गोविंदा टोली ने मन मोह लिया।
“गोविंदा आला रे…” नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
ऊँचाई पर लटकी हांडी तक पहुँचने के लिए गोविंदाओं का संघर्ष देखते ही बन रहा था।
हजारों लोग दही हांडी उत्सव को देखने के लिए सड़कों पर उमड़े
सजावट और झांकियों से सजी गलियां और मंदिर।
दही हांडी फोड़ते ही टोली ने जश्न मनाया।
जन्माष्टमी ने मुंबई को भक्ति, उल्लास और रंगों से भर दिया।