Apr 16, 2025
ये बहुत ही कम लोगों को पता है कि भारत में 10 रुपये के कुल 14 अलग-अलग डिजाइन के वैध सिक्के प्रचलित हैं जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक बनाती है।
सभी 10 रुपये के सिक्के दो रंग के होते हैं। इसका बाहरी हिस्सा पीला रंग का होता है। आइए जानते हैं इसका वजह:
10 रुपये के सिक्के का बाहरी हिस्सा पीला तो अंदर का हिस्सा चांदी के रंग का होता है।
इस सिक्के को बनाने में दो तरह के मेटल (धातु) का इस्तेमाल किया जाता है जिसके चलते इसे द्विधात्विक सिक्का (बाइ-मेटैलिक) कहते हैं।
10 रुपये सिक्के के बीच का हिस्सा कूप्र-निकेल नाम की धातु से बनाया जाता है जिसके चलते ये चांदी की तरह चमकता है।
बाहरी हिस्से में एल्यूमिनियम कांस्य का इस्तेमाल किया जाता है जिसके चलते ये पीले रंग का नजर आता है।
एल्यूमिनियम कांस्य के साथ पीले रंग के नजर आने वाले हिस्से में 92 प्रतिशत तांबा, 6 प्रतिशत एल्यूमिनियम और 2 प्रतिशत निकेल का इस्तेमाल किया जाता है। तीनों के मिश्रण को एल्यूमिनियम कांस्य कहा जाता है।
दो धातुओं के इस्तेमाल के पीछे वजह जल्दी खराब न हो, सुरक्षा और गलत करेंसी से बचाव है।
दो अलग-अलग धातु के चलते असली और नकली सिक्के के बीच फर्क करना भी आसान हो जाता है।
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