Apr 16, 2025
शायद ही ऐसा कोई होगा जिसने ओयो का नाम नहीं सुना होगा। OYO कंपनी बेहद कम दाम में लोगों को कमरे उपलब्ध करवाती है।
यूं तो अक्सर OYO किसी न किसी वजह से चर्चा का विषय बना रहता है। लेकिन बहुत सारे लोग इसके शुरू होने की पीछे की वजह नहीं जानते हैं।
कैसे इसकी शुरूआत हुई, कैसे इसका नाम ओयो पड़ा और ये क्या-क्या सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाता है आइए जानते हैं इसके बारे में।
सबसे पहले जानते हैं ओयो का पूरा नाम, जो है फॉर्म ऑन योर ओन (On Your Own)। इसका मतलब है बुकिंग के बाद कमरा पूरी तरह से आपका।
ओयो के फाउंडर ने पहले इसका नाम ओरावल रखा था। हालांकि, बाद में किसी कारण से उन्होंने इसका नाम ओरावल से ओयो कर दिया।
ओयो की शुरुआत साल 2013 में रितेश अग्रवाल ने स्टार्टअप के तौर पर की। लोगों को कम दाम में अच्छे कमरे दिलवाना उनका मकसद था।
नाम की बात करें तो OYO नाम काफी छोटा था। साथ ही इसे याद रखना भी बेहद आसान था। इसलिए उन्होंने इसका नाम ओयो रखा।
कई लोग समझते हैं कि ओयो होटल है। जबकि ऐसा नहीं है। ओयो करीब 500 शहरों में कमरों की बुकिंग करवाता है। लेकिन इसका अपना कोई होटल नहीं है।
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