Apr 23, 2025
अब बालकनी गार्डन सिर्फ सजावटी पौधों और सुंदर फूलों तक सीमित नहीं रह गए हैं। आजकल लोग छोटे स्पेस में ही ताजगी से भरपूर पत्तेदार सब्जियां और हर्ब्स उगाकर न केवल अपनी रसोई के स्वाद को नया रंग दे रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर विकल्प चुन रहे हैं।
अगर आप भी अपने घर की बालकनी को एक छोटी-सी सब्जी की बगिया में बदलना चाहते हैं, तो ये 10 हर्ब्स और पत्तेदार सब्जियां जरूर उगाएं:
पालक सबसे आसान और तेजी से बढ़ने वाली पत्तेदार सब्जियों में से एक है। इसे उगाने के लिए ज्यादा गहराई वाले गमले की जरूरत नहीं होती। बस दिन में 3 घंटे की धूप और नियमित पानी देने से ये तेजी से बढ़ती है।
छोटे गमले या कंटेनर में मेथी बड़ी आसानी से उगाई जा सकती है। आप चाहें तो बीज या कटिंग दोनों से इसे उगा सकते हैं। पानी में कुछ दिन रखने के बाद इसकी जड़ें भी आसानी से निकल आती हैं।
सेहत का ख्याल रखने वालों के लिए लेट्यूस एक बेहतरीन ऑप्शन है। इसके बीज बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। इन्हें आयताकार गमलों में छिड़कें और बाहरी पत्तों को धीरे-धीरे काटकर इस्तेमाल करें।
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली ये हरी पत्तेदार सब्जी भी बालकनी में आसानी से उगाई जा सकती है। गोल गमले की जगह चौड़ा आयताकार गमला इस्तेमाल करें और इसे हल्की धूप में रखें।
हर डिश में खुशबू और स्वाद बढ़ाने वाला धनिया घर में ही उगाएं। धनिए के बीजों को हल्का कुचलकर मिट्टी में छिड़क दें। कुछ ही दिनों में आपको ताजे पत्ते मिलना शुरू हो जाएंगे।
पुदीना न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसकी खुशबू भी बालकनी को ताजगी से भर देती है। इसे मिट्टी में या सिर्फ पानी में भी उगाया जा सकता है।
पास्ता, पिज्जा या सूप में इस्तेमाल होने वाला बेसिल आजकल भारतीय रसोई में भी जगह बना रहा है। इसके बीज को कोकोपीट वाली मिट्टी में लगाएं और दिन में 2 घंटे की धूप दें।
यह पौधा धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन एक बार बढ़ने के बाद सालों तक पत्ते देता रहता है। गमले में लगाने के लिए नर्सरी से छोटा पौधा ले आना बेहतर रहता है। इसे नियमित पानी और धूप की जरूरत होती है।
तेज खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर अजवाइन पत्ता बालकनी गार्डन के लिए परफेक्ट है। इसकी पत्तियां न सिर्फ सब्जियों में डालने लायक होती हैं, बल्कि इन्हें औषधीय उपयोग के लिए भी जाना जाता है।
ग्रीन टी, सूप और चाय में ताजगी के लिए लेमनग्रास का इस्तेमाल आजकल आम हो गया है। इसे बीज से या कटिंग से उगाया जा सकता है, लेकिन जल्दी नतीजों के लिए कटिंग से प्रोपेगेट करना बेहतर होता है।
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