Jun 29, 2025
हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे होशियार, आत्मविश्वासी और टैलेंटेड बनें। बच्चों की अच्छी परवरिश और सही मार्गदर्शन से यह मुमकिन है।
बच्चे जब सवाल करते हैं, तो उन्हें डांटने की बजाय प्यार से जवाब दें। इससे उनकी सोचने की क्षमता और जिज्ञासा बढ़ती है, जो उनकी बौद्धिक विकास में मददगार होती है।
हर काम का एक निश्चित समय होना जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा अनुशासन से बच्चों की रचनात्मकता दब सकती है। समय के साथ उन्हें निर्णय लेने की स्वतंत्रता दें।
बचपन से ही किताबों से दोस्ती कराएं। कहानियों, चित्रों और ज्ञानवर्धक किताबों से उनका मानसिक विकास तेजी से होता है।
मोबाइल और टीवी से पूरी तरह दूर करना संभव नहीं है, लेकिन बच्चों को एजुकेशनल ऐप्स और डॉक्युमेंट्रीज से जोड़ें, जिससे वे जानकारी के साथ मनोरंजन भी कर सकें।
खेल न सिर्फ शरीर को फिट रखता है, बल्कि टीमवर्क, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व जैसी खूबियों को भी विकसित करता है।
जब आप बच्चे की बात ध्यान से सुनते हैं, तो वह खुद को महत्वपूर्ण महसूस करता है। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ता है।
हर बच्चे की अपनी खासियत होती है। उसकी छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें और कभी उसकी तुलना किसी और से न करें।
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