वॉकिंग तब तक मुश्किल होता है जब तक यह आदत न बन जाए। लोग अपनी लाइफस्टाइल में पैदल चलने के जितने भी तरीके अपनाते हैं, उनमें से एक तरीका सबसे ज्यादा उपयुक्त है : रात के खाने के बाद टहलना।
यह सिंपल आदत धीरे-धीरे सालों में शरीर को नया आकार दे सकती है, ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर करने, नींद की क्वालिटी में सुधार करने और वजन घटाने में मदद कर सकती है।
भोजन के बाद टहलना पाचन तंत्र में ब्लड सर्कुलेशन और भोजन की गति को उत्तेजित करके पाचन को बढ़ावा देता है।
खाने के बाद टहलने से समय के साथ मेटाबॉलिज्म बढ़ने से कैलोरी बर्न होती है, क्योंकि आपका शरीर पहले से ही भोजन पचाने में ऊर्जा खर्च कर रहा होता है। थोड़ा सा टहलने से भी आपका दिल थोड़ा तेज धड़केगा और आपके शरीर को ज़्यादा ऊर्जा जलाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
खाने के बाद टहलने का सबसे अच्छा फायदा एक यह है कि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। भोजन के बाद ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है और फिर बाद में व्यायाम करने से आपकी मांसपेशियां आपके ब्लड से ग्लूकोज को और भी प्रभावी ढंग से बाहर निकाल पाती हैं।
चलने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे आर्टरीज और अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व अधिक कुशलता से पहुंचते हैं। भोजन के बाद बेहतर ब्लड सर्कुलेशन खाने के पाचन में मदद करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाता है।
कहा जाता है कि रात के खाने के बाद टहलने से एंडोर्फिन, सेरोटोनिन और अन्य "अच्छा महसूस कराने वाले" मस्तिष्क रसायनों के स्राव को उत्तेजित करके मूड पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
रात के खाने के बाद टहलने से शरीर को शांत करके नींद की क्वालिटी में सुधार करने में मदद मिल सकती है। टहलना एक हल्का व्यायाम है जो कोर्टिसोल-उत्तेजक तनाव हार्मोन को दबाता है और मेलाटोनिन और स्राव को उत्तेजित करता है, जो दोनों नींद लाने वाले कारक हैं और अच्छी नींद का कारण बनते हैं।