डिजिटल फास्टिंग का मतलब है कुछ समय के लिए मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाना।
लगातार स्क्रीन यूज़ करने से दिमाग थक जाता है। डिजिटल फास्टिंग ब्रेन को रिलैक्स देता है।
सोशल मीडिया और नोटिफिकेशन से डिस्ट्रैक्शन कम होता है और ध्यान पढ़ाई या काम पर बेहतर लगता है।
स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद बिगाड़ती है। डिजिटल फास्टिंग नींद को गहरी और सही बनाती है।
जब फोन से दूरी रखते हैं तो परिवार और दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिता पाते हैं।
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन और सिरदर्द होता है। डिजिटल फास्टिंग से यह परेशानी कम होती है।
दिमाग को फुर्सत मिलती है, जिससे नए आइडियाज और क्रिएटिव थिंकिंग आती है।
मोबाइल या टीवी छोड़कर एक्सरसाइज, वॉक, किताब पढ़ने जैसी हेल्दी एक्टिविटी करने का मौका मिलता है।