Jun 17, 2025
वेट लॉस के किसी भी प्लान को सफल बनाने के लिए अक्सर कार्ब का सेवन कम करने और प्रोटीन का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाती है। लेकिन भारत जैसे देश में, जब हर भोजन चावल और चपाती के रूप में कार्ब्स से भरा होता है। इसलिए ऐसा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इन्हें अपने भोजन से पूरी तरह से दूर करना असंभव है। आप बस इतना कर सकते हैं कि कम मात्रा में खाए। लेकिन अक्सर लोग खुद को इस दुविधा में पाते हैं कि किसका चुनाव करें।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वेट लॉस के लिए हमें हमेशा हल्का खाना चाहिए, इसलिए हमने डाइटीशियन से जानने की कोशिश की कि दोनों में से कौन सा बेहतर विकल्प है।
मोटे तौर पर कहें तो चावल और रोटी के पोषण मूल्य में बहुत अंतर नहीं है। दोनों ही अनाज को प्रोसेस करके प्राप्त किए जाते हैं और एकमात्र बड़ा अंतर सोडियम की मात्रा है।
डाइटिशियन के अनुसार, चावल और रोटी, दोनों के अपने-अपने हेल्थ बेनिफिट हैं। एक तरफ़, चावल और दाल में सभी अमीनो एसिड होते हैं और ये प्रोटीन का एक पूरा स्रोत बनते हैं, जो ज़्यादातर प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थों में नहीं होता.
दूसरी तरफ़, जौ, ज्वार, बाजरा और थोड़े से गेहूं से बना रोटी खाने से आपको कैल्शियम, फॉस्फोरस और ज़िंक जैसे पोषक तत्व मिल सकते हैं.
डाइटिशियन ने कहा, "दोनों ही अच्छे ऑपशन हैं और इन्हें अल्टरनेट डे में खाया जा सकता है। लेकिन अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो आपको खाने की मात्रा के बारे में सावधान रहना चाहिए और रात 8 बजे तक खाना खा लेना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि देर रात को कार्ब युक्त खाद्य पदार्थ खाने से पेट फूल सकता है और शरीर द्वारा पोषक तत्वों के सोखने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
चावल की तुलना में रोटी अधिक पेट भरता है। चावल से उतनी संतुष्टि नहीं मिलती जितनी दो रोटियों से मिलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चावल में गेहूं की तुलना में कम डाइट फाइबर, प्रोटीन और फैट होता है। वजन घटाने के लिए आपको आधा कटोरी चावल या 2 चपातियों का सेवन करना चाहिए।
50 की उम्र में दिखना है खूबसूरत तो रानी मुखर्जी से लें साड़ी टिप्स