May 16, 2025
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। मसल्स की ताकत कम होने लगती है, हड्डियों में जकड़न बढ़ जाती है और चेहरे पर भी उम्र के निशान साफ नजर आने लगते हैं।
लेकिन अगर आप चाहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर बनकर रह जाए, तो रोजाना केवल 10 मिनट की स्ट्रेचिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना शुरू करें। तो चलिए जानते हैं बढ़ती उम्र के असर को कैसे कम करती है स्ट्रेचिंग?
उम्र के साथ मसल्स और जॉइंट्स में अकड़न आना आम बात है। स्ट्रेचिंग मसल्स को फ्लेक्सिबल बनाकर जॉइंट्स की मूवमेंट को आसान बनाती है।
इससे न केवल शरीर हल्का महसूस होता है, बल्कि चोट लगने की संभावना भी कम हो जाती है।
स्ट्रेचिंग करते समय शरीर के विभिन्न हिस्सों में खून का प्रवाह बढ़ता है। इससे न सिर्फ शरीर में ऊर्जा आती है, बल्कि त्वचा भी ग्लो करने लगती है।
बेहतर ब्लड सर्कुलेशन त्वचा को ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे झुर्रियों की समस्या कम होती है।
स्ट्रेचिंग सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, दिमाग के लिए भी फायदेमंद है। जब आप स्ट्रेच करते हैं, तो शरीर में एंडॉर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं जो मूड को बेहतर बनाते हैं।
इससे मानसिक तनाव और थकान कम होती है और आप पॉजिटिव फील करते हैं।
नियमित स्ट्रेचिंग आपकी हड्डियों और मसल्स को मजबूत बनाती है। यह शरीर की सामान्य गतिविधियों को बनाए रखने में मदद करती है और उम्र बढ़ने के बावजूद आपको एक्टिव बनाए रखती है।
दिन की बेहतरीन शुरुआत बन सकती है स्ट्रेचिंग सुबह के समय की गई 10 मिनट की स्ट्रेचिंग आपके पूरे दिन को बेहतर बना सकती है। यह आपको ऊर्जावान, फोकस्ड और तनावमुक्त बनाती है।
नेक रोल्स और शोल्डर स्ट्रेच – गर्दन और कंधों की जकड़न दूर करने के लिए।
पैरों की मसल्स को लचीला बनाने के लिए।
पीठ और कमर के दर्द को दूर करने के लिए।
सांस लेने में आसानी और पोस्चर सुधार के लिए।
दिमाग को शांत करने और फोकस बढ़ाने के लिए।
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