May 16, 2025
भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव से भरे माहौल में नींद पूरी न हो पाना आम बात हो गई है। लेकिन अगर आपको अक्सर नींद नहीं आती, बार-बार नींद टूट जाती है या इंसोम्निया (अनिद्रा) की समस्या है, तो सबसे पहले दवाइयों का ख्याल आता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद की गोलियां लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर कई तरह के साइड इफेक्ट्स पैदा कर सकती हैं?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्लीपिंग पिल्स तात्कालिक रूप से असर दिखा सकती हैं, लेकिन इनसे धीरे-धीरे नशे की लत लगने लगती है।
इनके कारण सुबह सुस्ती, थकान, हार्मोनल असंतुलन और मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसी परेशानियां भी देखने को मिलती हैं।
यही वजह है कि अब लोग एलोपैथिक दवाओं की बजाय हर्बल ऑप्शन्स को प्राथमिकता देने लगे हैं।
हर्बल उपाय सिर्फ लक्षणों पर नहीं, बल्कि नींद की समस्याओं की जड़ पर काम करते हैं। ये दिमाग को शांत करते हैं, तनाव और चिंता को कम करते हैं और सर्कैडियन रिदम यानी शरीर की नेचुरल नींद-जागने की प्रक्रिया को संतुलित करते हैं।
अश्वगंधा एक शक्तिशाली एडाप्टोजेन है, जो तनाव को कम करता है और मानसिक शांति लाता है। यह नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने में कारगर साबित हुआ है।
ब्राह्मी दिमाग को शांत करती है और नींद से पहले की बेचैनी और घबराहट को दूर करती है।
इस औषधी का इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से नींद लाने के लिए किया जाता रहा है। ये स्लीप साइकिल को नियमित करने में मदद करती हैं।
तगर भी एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो नींद से जुड़ी समस्याओं की जड़ों पर असर करती हैं।
कैमोमाइल एक सदीयों पुरानी हर्ब है, जो तनाव कम करती है और रिलैक्सेशन को बढ़ावा देती है। सोने से पहले एक कप कैमोमाइल टी पीना बेहद फायदेमंद हो सकता है।
Affron, केसर का स्टैंडर्डाइज्ड अर्क है जो मूड सुधारने और नींद की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए जाना जाता है। शोध में पाया गया है कि यह बिना किसी साइड इफेक्ट के नींद की परेशानी, चिंता और थकावट को दूर करने में मदद करता है।
गोरा दिखने के लिए पुरुष करें इस तरह स्किन केयर, गर्मियों में भी चमकेगा चेहरा