May 27, 2025
गर्मियों में खरबूजा (Muskmelon) खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि विटामिन्स और फाइबर से भी भरपूर होता है।
लेकिन बाजार में मिलने वाले कई खरबूजों को केमिकल से पकाया जाता है या उन पर रंग चढ़ाया जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
ऐसे में असली और नकली खरबूजे की पहचान करना जरूरी हो जाता है। नीचे दिए गए कुछ आसान घरेलू टेस्ट से आप असली खरबूजा पहचान सकते हैं:
पके हुए असली खरबूजे से मीठी और ताजगी भरी खुशबू आती है। अगर खरबूजे को सूंघने पर उसकी खुशबू मन को भा जाए, तो समझिए वह नेचुरल रूप से पका हुआ है।
अगर खरबूजे से कोई सुगंध नहीं आ रही है या उसमें तेज और अजीब सी केमिकल जैसी गंध है, तो यह केमिकल से पकाया हुआ हो सकता है।
इसके ऊपर का रंग एक समान और हल्का पीला या हल्का हरा होता है। इसमें किसी भी तरह की असामान्य चमक या पैच नहीं होते।
अगर खरबूजे की बाहरी सतह पर बहुत ज्यादा चमक है या रंग में असमानता है (जैसे जगह-जगह गहरे-हल्के पैच), तो यह संकेत हो सकता है कि फल को आर्टिफिशियल रूप से पकाया गया है।
स्वाभाविक रूप से पके हुए खरबूजे हल्के होते हैं और उन्हें उठाने पर अंदर से थोड़ी खाली-सी आवाज आती है। ऐसे खरबूजे मीठे और रसदार होते हैं।
अगर खरबूजा उठाने में ज्यादा भारी लगे, तो हो सकता है उसमें बीज अधिक हों और वह पूरी तरह से पका न हो।
कटे हुए खरबूजे के गूदे को सफेद सूती कपड़े या कॉटन बॉल से हल्के से रगड़ें।
अगर कॉटन पर रंग चढ़ जाए, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि खरबूजे में आर्टिफिशियल रंग या कोई केमिकल मिलाया गया है।
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