हाथ जोड़कर 'नमस्कार' कहना भारतीय संस्कृति वो अभिन्न परंपरा है। भारत के इस परंपरा को इस वक्त पूरी दुनिया अपना रही है।
इस वक्त इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी काफी चर्चा में हैं। दरअसल, व्हाइट हाउस में वो जब दुनिया के बड़े नेताओं से मिलीं तो उन्होंने नमस्कार कर अभिवादन किया।
बहुत ही कम लोगों को पता है कि नमस्कार शारीरिक और मानसिक दोनों के लिए ही बेहद फायदेमंद है।
शरीर को दो भागों में बांटा गया है। दायां भाग इडा और बाएं को पिंडली कहते हैं। नमस्कार करते समय इडा और पिंगला नाड़ी आपस में मिलती हैं जिससे शरीर में आध्यात्मिकता का विकास होता है।
विज्ञान के अनुसार हाथ जोड़कर नमस्कार करते वक्त हृदय चक्र और आज्ञा चक्र सक्रिय हो जाता है।
इसके साथ ही जब दोनों हाथों को आपस में जोड़ते हैं तो शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार तेजी से होने लगता है जिसके कारण मानसिक शांति का अनुभव होता है।
दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार करने से शरीर में एक चेतना आती है जिससे याददाश्त भी बढ़ती है।
नमस्कार मुद्रा से उंगलियों के टिप पर दबाव पड़ता है जिससे यह एक्यूप्रेशर की तरह काम करता है।
इसके साथ ही नमस्कार मुद्रा के दौरान शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है जिसका प्रभाव कान और आंख पर भी पड़ता है।