May 14, 2025
आइस थेरेपी- बर्फ नई चोटों के लिए फायदेमंद होती है जैसे मोच, सूजन या अचानक दर्द। यह पहले 24-72 घंटों में सूजन और इंटरनल ब्लीडिंग को कम करने में मदद करता है। (Source- Freepik)
हीट थेरेपी- पुरानी चोट, मांसपेशियों में अकड़न या दर्द में बेहतर काम करती है जैसे कि क्रोनिक पीठ दर्द या गठिया। (Source- Freepik)
चोट लगने के तुरंत बाद, खासकर पहले 24 से 48 घंटों के भीतर आइस थेरेपी करें। (Source- Pexels)
जब सूजन कम हो जाए, कम से कम 48 घंटे के बाद हीट थेरेपी करें। (Source- Freepik)
बर्फ का इस्तेमाल घुटने में मोच, अचानक दर्द या सूजन में करें। (Source- Freepik)
हीट थेरेपी का इस्तेमाल गर्दन में अकड़न, पीठ दर्द, गठिया, मांसपेशियों में जकड़न आने पर करें। (Source- Freepik)
बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो बर्फ का इस्तेमाल न करें। अगर सूजन, इन्फेक्शन या अंग सुन्न हों तो हीट थेरेपी के इस्तेमाल से बचें। (Source- Freepik)
बर्फ या गर्म पानी को हमेशा तौलिये में भिगाकर चोट,मोच पर लगाएं, कभी भी सीधे न लगाएं।
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