Jun 05, 2025

रनिंग से मिलती है हार्ट को नई जिंदगी, जानिए क्यों जरूरी है दौड़ना

Archana Keshri

हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ दिल ही लंबी और खुशहाल ज़िंदगी की कुंजी है। लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी फिटनेस और खासकर हार्ट हेल्थ को नजरअंदाज कर देते हैं।

ऐसे में रनिंग यानी दौड़ना एक ऐसा आसान, असरदार और नेचुरल तरीका है जो आपके दिल को नई जिंदगी दे सकता है। चलिए जानते हैं कि दौड़ना क्यों इतना जरूरी है और यह दिल की सेहत को कैसे बेहतर बनाता है।

हार्ट मसल्स को बनाता है मजबूत

नियमित रूप से दौड़ने से हृदय की मांसपेशियां (Heart Muscles) मजबूत होती हैं। जब आप दौड़ते हैं, तो दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिससे वह और ताकतवर बनता है। इससे हार्ट अधिक कुशलता से ब्लड पंप करता है और रेस्टिंग हार्ट रेट (आराम की स्थिति में दिल की धड़कन) कम हो जाती है, जो एक हेल्दी दिल की निशानी है।

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार

रनिंग से शरीर में नए ब्लड वेसल्स बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसका मतलब यह है कि शरीर के हर हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलने लगता है, जिससे अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है।

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है

दौड़ना हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है और साथ ही अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाता है। यह दोनों ही फैक्टर हार्ट डिजीज के सबसे बड़े कारण होते हैं, जिन्हें दौड़कर काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

वजन नियंत्रण में मददगार

ओवरवेट या मोटापा हार्ट पर एक्स्ट्रा प्रेशर डालता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दौड़ने से कैलोरी बर्न होती है और वजन संतुलित रहता है, जिससे दिल पर तनाव नहीं पड़ता और उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है।

दिल के रोगों और स्ट्रोक का खतरा करता है कम

रोजाना रनिंग करने से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक की आशंका कम होती है। यह ब्लड वेसल्स की हेल्थ को सुधारता है, जिससे आर्टरीज क्लॉग नहीं होतीं और ब्लड फ्लो बना रहता है।

ऑक्सीजन की सप्लाई में इजाफा

दौड़ने से शरीर में ऑक्सीजन युक्त खून को पंप करने की क्षमता बढ़ती है। इसका मतलब यह है कि हार्ट ज्यादा एफिशिएंट तरीके से खून को शरीर में पहुंचाता है, जिससे सभी अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं।

थोड़ी दौड़ भी है फायदेमंद

हर कोई मैराथन नहीं दौड़ सकता, लेकिन अच्छी बात यह है कि थोड़ी देर की रोज़ाना रनिंग भी कार्डियोवेस्कुलर बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम कर सकती है। बस 15–20 मिनट की रनिंग से भी बड़ा फर्क महसूस किया जा सकता है

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