सही और गलत की पहचान करवाने वाले गुरु को शत-शत नमन।
गुरु ज्ञान का वह दीपक है, जो जीवन की अंधेरी राहों को रौशन कर देता है।
जहां गुरुओं का सानिध्य होता है, वहां अज्ञान भी घुटने टेक देता है।
गुरु वो नहीं जो किताबों का ज्ञान दे, गुरु वो है जो जीवन जीना सिखा दे।
गुरु पूर्णिमा पर उन सभी शिक्षकों को प्रणाम, जिन्होंने हमें गढ़ा है।
गुरु वो धागा है, जो ज्ञान और जीवन को एक सूत्र में बांधता है।
गुरु की कृपा से ही मिलती है मंज़िल, वरना रास्ते तो भटकाने वाले बहुत हैं।
गुरु बिना जीवन अधूरा है, और उनका आशीर्वाद ही सबसे बड़ी दौलत है।
ना पूजें मंदिर में भगवान को, अगर अपमान करें अपने गुरु का।
गुरु ही ब्रह्मा, गुरु ही विष्णु, गुरु ही महेश हैं। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!