प्राचीन भारत के महान विद्वानों में से एक आचार्य चाणक्य को उनकी नीतियों के लिए आज भी याद किया जाता है।
उनकी नीतियों का पालन करने से व्यक्ति को जीवन में ही नहीं बल्कि हर कार्य में सफलता मिल सकती है।
आचार्य चाणक्य द्वारा लिखी गई 'नीति शास्त्र' में बताया गया है कि एक पुरुष की परीक्षा कैसे होती है।
चाणक्य नीति के अनुसार चार चीजों से एक पुरुष को परखा जाता है। अगर वो इसमें सफल रहा तो वो एक बेहतर इंसान होगा।
चाणक्य नीति के अनुसार बेहतर पुरुष की परख दान से होती है। एक सच्चा व्यक्ति दान करने से कभी नहीं घबराता है।
बेहतर व्यक्ति की पहचान उसके व्यवहार से होती है। जो लोग वियनशील, व्यवहार कुशल और मृदुभाषी होते हैं वो आसानी से सबके हृदय में स्थान बना लेते हैं।
सच्चे इंसान की परख करनी है तो ध्यान दें कि उसमें गुण कैसे हैं।
बेहतर पुरुष की चौथी पहचान उसका आचरण है। बुरा आचरण वाला व्यक्ति कभी किसी का भला नहीं कर सकता है।
चाणक्य नीति के अनुसार, सोने की परख उसे घिस कर काट कर, गर्म कर के और पीट कर की जाती है। ठीक उसी तरह दान, शील, गुण और आचरण, इन चारों से पुरुष की परीक्षा होती है।