Apr 16, 2025

कहीं आपको भी तो नहीं है इस चीज का एडिक्शन, विकास दिव्यकिर्ति भी हो चुके हैं मरीज

Vivek Yadav

दृष्टि आईएएस कोचिंग के संस्थापक विकास दिव्यकिर्ति एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं।

अपने एक प्रोग्राम के दौरान विकास दिव्यकिर्ति ने बताया कि वो एक चीज के मरीज हैं। सिर्फ यही नहीं आज की जनरेशन भी इस चीज की मरीज हो चुकी है।

इस चीज के हैं मरीज

दरअसल, ये कुछ और नहीं बल्कि मोबाइल है जिसको लेकर विकास दिव्यकिर्ति ने बताया है कि हम व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के दौर से गुजर रहे हैं।

कहां से आ रहा है सारा ज्ञान?

आज के समय में सारा ज्ञान व्हाट्सएप और सोशल मीडिया से आ रहा है। ऐसे में ये फैसला कर पाना काफी मुश्किल होता है कि क्या सही है और क्या गलत है।

नई जनरेशन पर ज्यादा खतरा

विकास दिव्यकिर्ति के अनुसार आज की जनरेशन मोबाइल फोन की मरीज हो चुकी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मोबाइल फोन के आधा मरीज वो भी हो चुके हैं।

बिना वजह चलाते हैं फोन

लोग बिना वजह के फोन खोलते हैं, रील्स और शॉर्ट देखकर अपना समय बर्बाद करते हैं।

मोबाइल देखने से दिमाग में क्या रिलीज होता है

फोन देखते-देखते थक गए और फिर उसे रख दिया लेकिन अगले ही मिनट में फिर उठा लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि फोन देखने से दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है। ये फोन का एडिक्शन बेहद ही खतरनाक है।

कैसे रहें फोन से दूर

फोन से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि खाली समय में कुछ काम करें, किताबें पढ़ें, एक्सरसाइज करें या फिर परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करें।

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