May 15, 2025
भारत में आयुर्वेद हजारों वर्षों पुरानी चिकित्सा प्रणाली है, जो आज भी हमारी रसोई और घरों में जीवित है। कई बार अचानक तबीयत खराब होने पर डॉक्टर तक पहुंचने में समय लग सकता है।
ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। आइए जानें कुछ ऐसे ही आयुर्वेदिक उपाय, जो हर भारतीय को पता होने चाहिए और घर में संभालकर रखने चाहिए।
अगर अचानक उल्टी होने लगे या मिचली महसूस हो तो लौंग को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाएं और गुनगुना पी लें। लौंग में एंटीसेप्टिक और एंटीइमेटिक गुण होते हैं जो पेट को शांत करने में मदद करते हैं।
पेट में गैस या दर्द की स्थिति में अजवाइन (celery seeds) में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर चबाएं। इससे पाचन क्रिया ठीक होती है और पेट दर्द में तुरंत राहत मिलती है।
अगर बार-बार चक्कर आते हैं या कमजोरी महसूस हो रही है तो सौंफ में चीनी मिलाकर खाएं। सौंफ शरीर को ठंडक देती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाती है।
दस्त की स्थिति में चावल और दही का सेवन करें। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों की सेहत सुधारते हैं और चावल पाचन में हल्के होते हैं। यह कॉम्बिनेशन दस्त रोकने में बेहद असरदार है।
निमोनिया जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, लेकिन साथ ही हींग का पानी पीने से रेस्पिरेटरी सिस्टम को राहत मिलती है। हींग में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
अगर अचानक दांत में दर्द हो तो अदरक को पीसकर उसका रस निकालें और हल्का गर्म करके दर्द वाले हिस्से पर लगाएं। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं जो दर्द को शांत करते हैं।
अगर शरीर के किसी हिस्से में चोट लग जाए या खरोंच आ जाए तो हल्दी को सरसों के तेल में गर्म करें और हल्के से घाव पर लगाएं। हल्दी प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है जो संक्रमण को रोकती है और घाव जल्दी भरने में मदद करती है।
कपड़ों को धोते समय आजमाएं ये हैक्स, दिनभर रहेगी खुशबू