Jun 09, 2025
आजकल की डिजिटल लाइफस्टाइल में आंखों का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो गया है। घंटों स्क्रीन पर समय बिताना, नींद की कमी और गलत खानपान आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी आंखें लंबे समय तक स्वस्थ और तेज बनी रहें, तो रोजमर्रा की कुछ आदतों को अपनाकर आप उन्हें बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 10 आदतें जो आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं—
स्क्रीन पर लगातार काम करने से आंखों में थकान और जलन हो सकती है। इससे बचने के लिए हर 20 मिनट बाद, 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकंड तक देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है और डिजिटल आई स्ट्रेन से राहत मिलती है।
जब हम स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखें सूखने लगती हैं। स्क्रीन पर काम करते समय बार-बार पलकें झपकाना आंखों को नम बनाए रखता है और ड्रायनेस से बचाता है।
आंखों की रोशनी बनाए रखने के लिए विटामिन A, C, E, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड जरूरी होते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, मछली, बादाम और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ जरूर अपनी डाइट में शामिल करें।
कम रोशनी या बहुत तेज लाइट में पढ़ना या काम करना आंखों पर दबाव डालता है। पढ़ते समय या लैपटॉप/मोबाइल इस्तेमाल करते वक्त ऐसी रोशनी का इस्तेमाल करें जिससे चमक न हो और आंखों को आराम मिले।
धूप में निकलते समय UV किरणों से बचाव के लिए ऐसे सनग्लासेस पहनें जो 99-100% UVA और UVB किरणों को ब्लॉक करें। इससे मोतियाबिंद और रेटिना डैमेज का खतरा कम होता है।
रात में विशेष रूप से मोबाइल, लैपटॉप या टीवी जैसे डिवाइसेस का कम इस्तेमाल करें। ब्लू लाइट फिल्टर या चश्मे का प्रयोग करें ताकि नीली रोशनी आंखों को नुकसान न पहुंचाए।
शरीर में पानी की कमी से आंखों में सूखापन और जलन हो सकती है। दिन भर में कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि आंखों की नमी बनी रहे।
स्मोकिंग आंखों के लिए बेहद हानिकारक है। यह मोतियाबिंद, रेटिना डैमेज और उम्र से जुड़ी मैक्युलर डिजनरेशन जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है।
हर दिन 7 से 9 घंटे की नींद लेना आंखों के आराम और रिकवरी के लिए जरूरी है। नींद की कमी से आंखों में लालिमा, फड़कना और थकान महसूस होती है।
शारीरिक व्यायाम न सिर्फ शरीर के लिए बल्कि आंखों के लिए भी फायदेमंद है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और आंखों को जरूरी पोषण व ऑक्सीजन मिलती है।
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