बॉलीवुड के चहेते एक्टर वरुण धवन आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। डेविड धवन जैसे दिग्गज डायरेक्टर के बेटे होने के बावजूद वरुण ने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2012 में करण जौहर की फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से की थी।
इसी फिल्म से सिद्धार्थ मल्होत्रा और आलिया भट्ट ने भी बॉलीवुड में डेब्यू किया था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के दौरान वरुण के मन में सिद्धार्थ मल्होत्रा को लेकर एक इनसिक्योरिटी घर कर गई थी।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में वरुण धवन ने इस बात को स्वीकार किया कि शूटिंग के समय वे सिद्धार्थ की पर्सनैलिटी से काफी प्रभावित हो गए थे, और यही उनके मन में जलन और असुरक्षा की भावना की वजह बनी।
यूट्यूबर शुभंकर मित्रा को दिए इंटरव्यू में वरुण ने बताया, "सिद्धार्थ लंबा-चौड़ा था, स्मार्ट दिखता था और उसमें एक अलग ही कॉन्फिडेंस था। फिल्म में सिर्फ दो हीरो थे, और मुझे डर लगने लगा कि कहीं लोग सिर्फ उसी को नोटिस न करें और मैं भीड़ में खो जाऊं।"
वरुण ने आगे कहा, "उस वक्त मैं सोचने लगा कि क्या लोग मुझे नोटिस करेंगे? क्या मेरी पहचान बनेगी? कहीं मेरा सपना सपना ही न रह जाए।" उन्होंने बताया कि उस समय इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर काफी बातें हो रही थीं, और लोगों की निगेटिविटी ने भी उन्हें परेशान किया। "मैंने बहुत मेहनत की थी, लेकिन लोग यह मानने को तैयार नहीं थे। मेरी शुरुआत उतनी आसान नहीं रही, जितनी लोग समझते हैं।"
एक्टर बनने से पहले वरुण धवन ने करण जौहर के साथ फिल्म माय नेम इज खान में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया था। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले उन्होंने कोई प्लानिंग नहीं की थी, सिर्फ मेहनत और जूनून के साथ आए थे। "मैं जानता था कि मुझे इसके लिए लड़ना होगा, और मैं हमेशा लड़ता रहूंगा," वरुण ने कहा।
अपने करियर के शुरुआती छह सालों में वरुण ने 11 लगातार हिट फिल्में दीं, और शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार्स के रिकॉर्ड को भी टक्कर दी। हालांकि, साल 2019 में आई कलंक के बाद उनका करियर ग्राफ थोड़ा धीमा पड़ा, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग आज भी मजबूत बनी हुई है।
वरुण धवन की कहानी सिर्फ एक स्टार किड की नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार की है जिसने अपनी इनसिक्योरिटी और संघर्ष को पार करके खुद को साबित किया है। सिद्धार्थ मल्होत्रा से जलन का वो पल आज उनके संघर्ष की एक याद बनकर रह गया है, जो दर्शाता है कि स्टारडम तक पहुंचने की राह कभी आसान नहीं होती।