मंदिरा बेदी जो कभी अपनी हेवी वर्कआउट के लिए जानी जाती थीं अब योग करती हैं।
मंदिरा कहती हैं, "मैं योग को स्ट्रेच करने, दौड़ने या कसरत से उबरने का एक तरीका समझती थी।"
लेकिन समय के साथ उन्होंने स्ट्रेस से उभरने के लिए योग को अहमियत देनी शुरू की।
इसे वो अब माइंडफुलनेस, ब्रीदवर्क और भावनात्मक उपचार बताती हैं।
मंदिरा ने बताया कि जब उनके जीवन में उथल-पुथल हुई तो योग ने ही उन्हें हिम्मत दी।
उनके पति के निधन के बाद वो बहुत टूट गई थीं।
मंदिरा ने बताया कि जब उनके जीवन में उथल-पुथल हुई तो योग ने ही उन्हें हिम्मत दी।
मंदिरा ने कहा, "एक समय ऐसा भी था जब मैं बिस्तर से उठना ही नहीं चाहती थी।
"लेकिन मैट पर आना, भले ही मैं सिर्फ सांस लेती रही, फिर भी ये फिर से शुरुआत करने के लिए काफी था।"