'बिग बॉस 18' फेम चुम दरांग अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रही हैं। ऐसे में अब वो नस्लवाद पर बात करने की वजह से सुर्खियों में हैं।
चुम दरांग ने जूम टीवी से बातचीत में बताया कि वो नस्लवाद का कइयों बार सामना कर चुकी हैं। नॉर्थ ईस्ट का होने के नाते लोग उनको मोमो और कोरोना वायरस तक कहते थे।
एक्ट्रेस कहती हैं कि नॉर्थ ईस्ट के लोगों के अपनाया जाना बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि टीवी और सिनेमा बहुत बड़ी चीज है क्योंकि ये घर-घर तक पहुंचता है।
चुम ने बताया कि उन्होंने नस्लवाद झेला है। लेकिन, वो उन कहानियों की गहराई में नहीं जाना चाहती हैं। क्योंकि उनको लगता है कि वो विक्टिम बन रही हैं।
चुम दरांग ने बताया कि जब वो बोलती हैं कि अरुणाचल प्रदेश से हैं तो इसका मतलब वो देश की ही हैं। फिर भी लोगों को समझ नहीं आता है और बार-बार पूछते हैं तो उनको शर्म आनी चाहिए।
चुम गुस्सा निकालते हुए कहती हैं कि उन्होंने हर दिन राष्ट्रगान गाया है जैसे और लोगों ने गाया है। उन्होंने भारतीय होने पर खुद पर गर्व जताया और कहा कि ये उनसे कोई नहीं छीन सकता।
'बिग बॉस' की एक्स कंटेस्टेंट बताती हैं कि लोग पहले उन्हें मोमो कहते थे बाद में लोग उन्हें कोरोना वायरस कहने लगे थे। क्योंकि वो (कोरोना) चीन से आया था। ऐसी मानसिकता से उन्हें चिढ़ है।
चुम कहती हैं कि उन्हें ट्रोल्स और लोगों को जवाब देना आता है और उन्होंने ऐसा कई बार किया भी है।