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इंसान बना रहा ऐसी झील, 12 हजार साल पुराना पूरा शहर हो जाएगा गायब

ऐहान के मुताबिक, "यहां पग-पग पर इतिहास से संबंधित चीजें मिल जाती हैं। आप कहीं भी खुदाई कीजिए, आपको किसी सभ्यता की कोई चीज या प्रमाण मिलेंगे। यह शहर नष्ट करना किसी बड़े अपराध को करने जैसा है।"

सरकार इसका निर्माण इलिसू हाइड्रोलिक बांध योजना के तहत कर रही है। (फाइल फोटोः tripadvisor.com)

तुर्की के दक्षिणी पूर्वी हिस्से में हसाइनकेफ कुर्दिश बहुल इलाके वाला छोटा सा शहर है। यह लगभग 12 हजार साल पहले बसा था, जहां इतिहास के बड़े-बड़े साम्राज्य हुए थे। उनमें असीरियंस, रोमंस और सेल्जुक्स भी शामिल थे। फिलहाल यहां लगभग तीन हजार लोग रह रहे हैं। पर रिपोर्ट्स की मानें तो ये इस शहर के आखिरी बाशिंदे होंगे, क्योंकि कुछ ही महीनों में यह शहर पृथ्वी के नक्शे से गायब हो जाएगा। दरअसल, इन दिनों वहां एक कृत्रिम झील बनाई जा रही है। सरकार इसका निर्माण इलिसू हाइड्रोलिक बांध योजना के तहत कर रही है।

स्थानीय रिद्वान ऐहान के हवाले से कहा गया, “मैं जहां पैदा हुआ और रहा, वह जगह मेरे नाती-पोते नहीं देख पाएंगे। वे मुझसे पूछेंगे कि आप कहां से आए हैं? कहां रहते थे?” इलिसू बांध, तुर्की का दूसरा सबसे बड़ा बांध होगा। लंबे समय से नदारद किए गए क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के मकसद से इस भूमि का विकास किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह उर्जा उत्पादन और सिंचाई के लिए यह बेहद जरूरी है।

साल 2006 में इसके निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी, तब उद्घाटन समारोह पर तत्कालीन प्रधानमंत्री रीसेप तय्यिप एर्डगन (मौजूदा राष्ट्रपति) ने वादा किया था कि इस बांध से सबसे अधिक फायदा स्थानीय लोगों को होगा। हालांकि, ऐहान जैसे कई स्थानीय इस प्रोजेक्ट का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। वे शहर में ऐतिहासिक इमारतों और अन्य चीजों को लेकर चिंतिंत हैं कि झील बनने के बाद वे हमेशा के लिए गायब हो जाएंगे।

बकौल ऐहान, “यहां पग-पग पर इतिहास से संबंधित चीजें मिल जाती हैं। आप कहीं भी खुदाई कीजिए, आपको किसी सभ्यता की कोई चीज या प्रमाण मिलेंगे। यह शहर नष्ट करना किसी बड़े अपराध को करने जैसा है।” पिछले साल अगस्त के बाद सरकार ने कई ऐतिहासिक ढांचों व इमारतों को स्थानांतरित किया था, जिसमें 610 साल पुरानी अय्यूबी मस्जिद भी थी। उसे भी दूसरी जगह पर स्थापित किया गया है।

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