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इस देश में नहीं हैं एक भी कैदी, सुनसान पड़े जेलों के 1300 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा

यहां सजा पाए कैदियों को घर में बंधक रहकर रहना पड़ता है। देश में इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसके तहत यहां कैदियों को पैरों में एक विशेष प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहनाई जाती है।

इस देश की कई जेलें अब बंद हो चुकी हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर।

दुनिया के कई देशों में अपराध एक बड़ी समस्या है। अपराध करने वाले अपराधियों के लिए ही जेल बनाए गए हैं, जहां वो अपने गुनाहों की सजा भुगतते हैं। लेकिन एक ऐसा देश भी है जहां की जेल में एक भी अपराधी नहीं हैं। इस देश का हर जेल वीरान पड़ा है और हालत यह है कि इन जेलों में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी तक आफत में आ गई है। हम बात कर रहे हैं नीदरलैंड की। इस देश की आबादी करीब 1 करोड़ 71 लाख है। इस देश में क्राइम और अपराधियों को लेकर ‘Telegraph’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में इस देश में सिर्फ 19 कैदी थे। जबकि साल 2018 में यहां एक भी कैदी नहीं था। इतना ही नहीं रिपोर्ट के मुताबिक नीदरलैंड सरकार का मानना है कि आने वाले 5 सालों में देश में अपारध में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आएगी जिसके बाद यहां की जेलों को बंद कर दिया जाएगा।

नीदरलैंड की सभी जेलें इस वक्त सुनसान पड़ी हैं। खास बात यह भी है कि इस देश की जेलों में 2000 कर्मचारी नियुक्त थे। कैदियों के नहीं होने की वजह से इनमें से 700 कर्मचारियों का दूसरे विभाग में तबादला कर दिया गया है, लेकिन अब 1300 अन्य कर्मचारियों की नौकरी मुश्किल में पड़ गई है। सरकार इन कर्मचारियों के लिए नई नौकरियां तलाश रही है।

बता दें कि नीदरलैंड को दुनिया की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता है। यहां सजा पाए कैदियों को घर में बंधक रहकर रहना पड़ता है। देश में इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसके तहत यहां कैदियों को पैरों में एक विशेष प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहनाई जाती है। अगर कोई कैदी अपने घर से बाहर निकलता है तो यह डिवाइस एक रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल भेजता है जिससे पुलिस को कैदी के लोकेशन के बारे में पता चल जाता है।

देश में कैदियों पर नजर रखने वाली इस प्रणाली के होने की वजह से यहां की जेलें खाली हो गई हैं और अपराध दर में भी गिरावट आई है। यहां की जेलों में स्कूल, कॉफी की दुकानें इत्यादि भी खोली गई हैं।

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