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दुनिया में गधों के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंचा पाकिस्तान, खूब मिल रहा रोजगार

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में गधा पालना अब भारी मुनाफे का कारोबार भी बन चुका है और रोजाना इन गधों के मालिक इनसे 1,000 रुपए तक की कमाई भी कर लेते हैं।

Author December 19, 2018 6:16 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – (Financial Express)

पाकिस्तान में गधों की जनसंख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। हालात यह है कि गधों की तादाद के मामले में पाकिस्तान दुनिया में तीसरा मुल्क बन चुका है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सिर्फ लाहौर में गधों की तादाद 41,000 से ज्यादा है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने तो यहां अलग से Donkey Hospital बनवाया है। इस अस्पताल में गधों को बीमारी से बचाने के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। पाकिस्तान इकोनॉमिक सर्वे ने अप्रैल 2018 में अपनी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें बताया गया है कि देश में गधों की संख्या 10 लाख से बढ़कर 50 लाख के पार चली गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार बीते साल पाकिस्तान में जहां बकरियों की संख्या में करीब 2 लाख बढ़ी है वहीं भेड़ों की संख्या क़रीब 40,000 बढ़ी है और गधों की संख्या में एक लाख का इजाफ़ा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में गधा पालना अब भारी मुनाफे का कारोबार भी बन चुका है और रोजाना इन गधों के मालिक इनसे 1,000 रुपए तक की कमाई भी कर लेते हैं। यहां एक गधे की कीमत 25 से 30 हजार रुपए पड़ती है। गधा 4 साल की उम्र से आय का जरिया बन जाता है। वो 8 से 12 साल तक कमाई करता है।

बता दें कि गधों की जनसंख्या के मामले में दुनिया में चीन नंबर 1 पर है। चीन में गधों के चमड़े का इस्तेमाल यहां की एक पारंपरिक दवा ‘Eijao’ बनाने में किया जाता है। दरअसल गधे के स्किन में जिलेटिन पाया जाता है और इसी जिलेटिन का इस्तेमाल इस दवा को बनाने में किया जाता है। ‘Eijao’ दवा के बारे में कहा जाता है कि इससे शरीर में रक्त स्त्राव का संचालन बढ़ता है। लो ब्लड सेल काउंट से पीड़ित मरीजों के लिए भी यह दवा काफी असरदार मानी जाती है।

 

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