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यहां पुरखों के अवशेष निकाल हर साल नाच-गाने संग मनाया जाता है महोत्सव

माना जाता है कि यह जिंदा और मरे हुए लोगों के बीच संपर्क सूत्र का काम करती है। परिवार वाले इस खास मौके पर सजते...

बड़े-बूढ़ों और पुरखों से प्यार कौन नहीं करता। प्यार में कोई पर्स में उनकी फोटो रखकर घूमता है, तो कहीं लगाव के तौर पर लोग उन्हें तोहफे और पसंदीदा चीजें देते हैं। मगर एक जगह ऐसी है, जहां लोग उनके मरने के बाद भी उनके प्रति झुकाव को नहीं भुला पाते। प्यार जताने के लिए वे उनके अवशेषों के साथ नाचते-गाते हैं और धूमधाम से महोत्सव मनाते हैं।

पूर्वी अफ्रीका में मेडागास्कर नाम का द्वीप हैं। यहां के शहरी और गांव वाले इलाकों में यह परंपरा सालों से चली आ रही है। नाम है फमादिहाना (Famadihana)। धूमधाम से हर साल यह पारंपरिक महोत्सव मनाया जाता है। बता दें कि यह एक किस्म की अंत्येष्टि परंपरा होती है। लोग इसमें अपने बड़े-बुजुर्गों और पुरखों की लाशें कब्र से लाकर दोबारा उन्हें नए कपड़े पहनाते हैं। वे इस दौरान नाचते हैं, झूमते हैं और जमकर जश्न मनाते हैं।

यह परंपरा हर सात सालों में एक बार होती है। दरअसल, ऐसा परिवार के बड़े-बूढ़ों और पुरखों को सम्मान देने के लिए किया जाता है। यह महोत्सव धूमधाम से मने, इसके लिए साल भर रजाना समुदाय पैसे जुटाता है। बरियल टोंब (यहीं लाश दफ्नाई जाती है) बनाई जाती है।

माना जाता है कि यह जिंदा और मरे हुए लोगों के बीच संपर्क सूत्र का काम करती है। परिवार वाले इस खास मौके पर सजते-संवरते हैं। महोत्सव के लिए तैयारियां करते हैं। टोंब पर जाते हैं और अपने परिजन के अवशेष देखते हैं। परिवार से जुड़े बाकी लोगों को भी इस दौरान बुलाया जाता है।

महोत्सव मनाने के पीछे स्थानीय लोगों का मानना है कि मरे लोग भगवान के पास पहुंचते हैं और वहां जाकर वे दोबारा जन्म लेते हैं। 55 साल के किसान राकोटोनारीवो हेनरी बताते हैं कि हाल ही में उन्होंने परिवार के साथ फमादिहाना मनाया था, जिसमें वह अपनी दादी और चाची के अवशेषों के साथ नाचे थे।

वहीं, 30 साल के टेक्नोलॉजी फर्म मैनेजर जॉन रोटेवोहर्जन की इस बारे में अलग राय है। उनका कहना है कि हमें पता कि हम मरे हुए लोगों से संपर्क तो नहीं कर सकते, लेकिन इतना जरूर यकीन रखते हैं कि फमादिहाना हमारे परिवारों और पीढ़ियों के बीच मजबूती जरूर लाता है।

(फोटो सोर्सः Saveoursmil)

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