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बच्चों को पढ़नी पड़ती हैं चलने की कला और मूर्खता जैसी चीजें, यहां हैं कोर्स का हिस्सा

मैथ्स से लेकर मनोविज्ञान जैसे विषयों के नाम सुने होंगे। लेकिन ज्यादातर लोग इनसे इतर करना चाहता है। वे नए और अनोखे कोर्स...

आपने हिंदी से लेकर हिस्ट्री पढ़ी होगी। मैथ्स से लेकर मनोविज्ञान जैसे विषयों के नाम सुने होंगे। लेकिन ज्यादातर लोग इनसे इतर करना चाहता है। वे नए और अनोखे कोर्स करना चाहते हैं। अनोखे कोर्सों की इसी तलाश में हमारे हाथ कुछ अजीबो-गरीब कोर्स लगे, जो दुनिया भर में यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाए जा रहे हैं।

# चलने की कला- चलना (वॉकिंग) भी एक कला है। यह बात तब पता चली, जब अमेरिका के केंट्यूकी में इससे जुड़े चलने वाले कोर्स के बारे में मालूम पड़ा। यहां सेंटर कॉलेज में मॉर्डन लैंग्वेजेज़ पढ़ाने वाले प्रो. डॉ. केन केफ्फर छात्र-छात्राओं को चलने की कला सिखाते हैं।

# फालू की पढ़ाई – फालू (Phallu) को हिंदी में लिंग कहते हैं। इससे जुड़ा कोर्स भी कराया जाता है। यहीं ओसिडेंटल लिब्ररल आर्ट्स कॉलेज में। द फालूज़ स्टडीज़ (The Phallus Studies) के नाम से। इसे ह्यूमन इवेंट्स में यह कोर्स माना जाता है। इसमें फालूज़ के महत्व और मैस्कुलैनिटी, फेमिनिटी, जेनिटल ऑर्गन्स से उनके संबंध के बारे में पढ़ाया जाता है।

# मूर्खता का कोर्स – अमेरिका के लॉस एंजलिस में ओसिडेंटल लिब्ररल आर्ट्स कॉलेज है। यहां पर क्रिटिल सायकोलॉजी में फ्रेड्रिक नीतजे, जाइल्स डेलोयूज और एविटल रोनेल की वैचारिकी पढ़ाई जाती है।


# लेडी गागा और सोशियोलॉजी ऑफ फेम – पॉप सिंगर लेडी गागा को जानते ही होंगे। गाने भी सुने होंगे। उनसे जुड़ा कोर्स कराया जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलीना में। यह तीन सेमेस्टर में पढ़ाया जाता है और यह सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है, जो इस यूनिवर्सिटी का हिस्सा हैं। इसमें पॉप कल्चर और संगीत के समाजशास्त्र के साथ लेडी गागा की लोकप्रियता और म्यूजिक आइकन बनने के बारे में जानकारी दी जाती है।

# खाने का धर्मशास्त्र – खाना हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। यही कारण है कि यह हमारी थियोलॉजी (धर्मशास्त्र) से भी जुड़ा हुआ है। लोयोला कॉलेज में माना जाता है कि खाने और भगवान के बीच कोई संबंध है। कोर्स में बच्चों को खाने से जुड़े धार्मिक पहलुओं से रूबरू कराया जाता है।

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