ताज़ा खबर
 

इसांन नहीं, बल्कि इस पशु पर आजमाया गया था पहला सिलिकॉन ब्रेस्ट इंप्लांट

आगे से शुरुआत करते हैं। साल था 1962। पहला ब्रेस्ट इंप्लांट इंसान पर आजमाया गया था। सफल भी रहा। इस दौरान टिम्मी जॉन लिंडसे नाम...

साइंस के ज्यादातर प्रयोग पहले इंसानों पर नहीं होते। सबसे पहले यह जीव-जंतुओं पर होते हैं। सिलिकॉन ब्रेस्ट इंप्लांट पर भी उन्हीं में से एक है। लोगों से इसके बारे में पूछा जाएगा, तो वह टिम्मी जॉन लिंडसे का नाम लेंगे। मगर कम ही लोग जानते हैं कि यह प्रयोग भी सबसे पहले एक पशु पर आजमाया गया था। वह और कोई नहीं बल्कि एक कुत्ता था।

आगे से शुरुआत करते हैं। साल था 1962। पहला ब्रेस्ट इंप्लांट इंसान पर आजमाया गया था। सफल भी रहा। इस दौरान टिम्मी जॉन लिंडसे नाम की महिला के हर जगह चर्चे थे। उन्होंने ही इंप्लांट कराया था। टेक्सस की रहने थीं और छह बच्चों की मां भी। तब उनकी ब्रेस्ट पर टैटू भी था। डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि शायद उन्हें बड़े ब्रेस्ट पसंद आएं। टिम्मी को वाकई में अपने ब्रेस्ट पसंद आए। और वहीं से, अमेरिका में प्लास्टिक सर्जरी मशहूर हो गई।

HOT DEALS
  • Apple iPhone 6 32 GB Space Grey
    ₹ 25799 MRP ₹ 30700 -16%
    ₹3750 Cashback
  • Micromax Vdeo 2 4G
    ₹ 4650 MRP ₹ 5499 -15%
    ₹465 Cashback

लेकिन असल कहानी इस किस्से के पीछे की है। दरअसल, टिम्मी से पहले इस प्रक्रिया के लिए ‘गुएना पिग’ की जरूरत थी, जो एस्मेराल्ड नाम का कुत्ता था। जब डॉक्टर फ्रैंक गेरो से ब्लड बैग दबाया, तो उन्हें लगा कि वह किसी महिला के ब्रेस्ट जैसा है, जो इंप्लांट कराए गए थे। जब कि वह इंप्लांट एस्मेराल्ड की खाल के नीचे किया गया था। वह सिर्फ दो हफ्ते तक ही टिका था।

इंप्लांट के दौरान सर्जन्स के साथ रहे थॉमस बिग्स बताते हैं कि वह उस कुत्ते के इंचार्ज थे। इंप्लांट कुत्ते की खाल के अंदर और बाईं ओर तकरीन दो हफ्ते तक रहा था। कुत्ते ने उसे काट दिया था, जिसकी वजह से उसे खोलना पड़ा था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App