Jan 26, 2025
भारतीय सेना में कई रेजिमेंट हैं जिसमें से सबसे खूंखार गोरखा रेजिमेंट को बताया गया है।
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गोरखा रेजिमेंट के अलावा ये भी रेजिमेंट्स हैं जिनका नाम सुनते ही दुश्मनों की सांस फूलने लगती हैं।
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देश की सबसे खतरनाक रेजिमेंट गोरखा को दुश्मनों का काल कहा जाता है। दुश्मन इनका नाम सुनते ही टूट जाते हैं। गोरखा रेजिमेंट की शुरुआत 24 अप्रैल 1815 में हुई थी। इसमें नेपाली जवानों को लिया जाता है और इनकी ट्रेनिंग काफी कठिन होती है।
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भारतीय सेना की दूसरी सबसे खतरनाक बटालियन राजपूत रेजिमेंट है। कारगिल युद्ध के दौरान तोलोइंग जैसे पहाड़ी पर दुश्मनों का खात्मा कर तिरंगा फहराने वाले राजपूत रेजिमेंट की स्थापना 1 अगस्त 1940 में हुई थी।
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इंडियन आर्मी की सबसे खूंखार रेजिमेंट में से एक पैराशूट रेजिमेंट भी है जिसके 6 और 7 बटालियन ने कारगिल युद्ध में मुश्कोह घाटी पर तिरंगा लहराया था और इसकी 5वीं बटालियन ने बाटालिक प्वाइंट पर कब्जा किया था।
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सिर्फ इतना ही पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल यूनिट पैरा कमांडो ने ही साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।
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ये इंडियन आर्मी की चौथी सबसे खूंखार रेजिमेंट है जिसके नाम से दुश्मनों के पसीने छूट जाते हैं। बिहार रेजिमेंट द्वितीय विश्व युद्ध में भी हिस्सा ले चुकी है। बिहार रेजिमेंट 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध, सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में अपने शौर्य का प्रदर्शन कर चुके हैं। गलवान वैली में चीनी सैनिकों के छक्के छुड़ाने वाले भी बिहार रेजिमेंट ही जवान थे।
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भारतीय सेना की खूंखार रेजिमेंट कुमाऊं बटालियन का नाम 1794 में रेमंट कोर था। इसके साथ ही कुमाऊं रेजिमेंट 20 साल तक हैदराबाद रेजिमेंट का हिस्सा रही।
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