Jan 30, 2026
भारत में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जो अपने वास्तुकला के साथ गहरे रहस्यों के चलते विज्ञान को भी चुनौती देते हैं।
Source: unsplash
आज हम जानें उस मंदिर के बारे में जो साल में सिर्फ एक बार खुलता है और यहां पर दिया भी कभी नहीं बुझता है।
Source: unsplash
दरअसल, ये कर्नाटक के हसन जिले में स्थित हसनंबा मंदिर है, जिसकी मुख्य देवी आदि शक्ति हैं। इसका निर्माण 800 साल पहले 12वीं शताब्दी में हुआ था।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
भक्तों के लिए ये मंदिर साल में केवल एक बार ही खुलता है और इस दिन भारी तादाद में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
यह मंदिर अक्टूबर में दिवाली के दिन खुलता है। यह मंदिर चींटी के टीले के आकार में बना हुआ है। यहां पर रावण की दस सिरों वाली वीणा बजाती हुई मूर्ति है।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
दिवाली में जब मंदिर खुलता है तो उस दौरान दो बोरी चावल, पानी और एक घी का दीपक (नंदा दीपम) रखा जाता है। साथ ही फूलों से सजाया जाता है और फिर बंद कर दिया जाता है।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
एक बार बंद होने सालभर बाद मंदिर फिर से दिवाली पर खुलता है। मंदिर जब खुलता है तो चावल पके हुए मिलते हैं और उस दिन भी गर्म रहते हैं।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
नंदा दीपम में रखा घी का दीपक भी जलते हुए मिलता है। यह रहस्य आज भी बना हुआ है कि मंदिर बंद होने के बाद कौन चावल पकाता है और कौन दिया जलाता है।
Source: unsplash
वहीं, मंदिर के पास ही एक पत्थर है जिसे 'शोशी कल' कहा जाता है।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
मान्यता है कि यह पत्थर हर साल चावल के दाने के रूप में हसनंबा की ओर बढ़ता है। कहा जाता है कलियुग के अंत में यह हसनंबा तक पहुंचेगा।
Source: @Sri Hasanamba Temple/FB
Magh Mela 2026: माघ मेला में स्नान के लिए जान रहे हैं प्रयागराज तो जानें क्या करें और क्या नहीं?