Mar 05, 2024
बीते दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट में कुछ लोग खून की उल्टी करते और चिल्लाते नजर आ रहे हैं।
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बी12 की कमी से मतली, कब्ज, ब्लोटिंग, गैस और दस्त जैसी समस्याएं आपको घेर सकती हैं। ऐसे में अगर आपको समय-समय पर इस तरह की समस्याएं परेशान कर रही हैं, तो एक बार विटामिन बी12 की जांच जरूर करा लें।
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लोगों की बिगड़ती हालत को देख आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है। वहीं, बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट के एक वेटर ने गलती से उन्हें माउथ फ्रेशनर की जगह ड्राई आइस दे दी थी, जिसे मुंह में रखते ही उनकी हालत बेहद खराब हो गई। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर ड्राई आइस क्या होती है।
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ड्राई आइस दरअसल कार्बन डाई ऑक्साइड का ठोस रूप होता है। आम बर्फ की तरह ये ना तो पानी से बनाई जाती है और ना ही सामान्य बर्फ की तरह ये ज्यादा तापमान में पिघलती है। इससे अलग बहुत ज्यादा तापमान में ये धुआं बनकर उड़ने लगती है।
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आम बर्फ का तापमान जहां -2 या -3 होता है, वहीं ड्राई आइस का तापमान लगभग -78.5 डिग्री सेल्सियस (-109.3 डिग्री फ़ारेनहाइट) होता है। मेडिकल से लेकर फूड इंडस्ट्री तक में ड्राई आइस का इस्तेमाल कूलिंग एजेंट के रूप में किया जाता है। हालांकि, यह काफी खतरनाक भी है, यही वजह है कि इसे छूने से मना किया जाता है।
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हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ड्राई आइस श्वसन समस्याओं से लेकर स्किन को भी गंभीर नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकती है।
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अधिक देर तक ड्राई आइस के संपर्क में आने से आप कार्बन डाइऑक्साइड गैस की बड़ी मात्रा में सांस लेते हैं, जिससे आपको चक्कर आना, सांस फूलना, उलटी, मतली आदि समस्याएं हो सकती हैं।
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वहीं, इसे छूने या त्वचा के संपर्क में रखने से स्किन कटना, स्किन पर तेज जलन, सूजन आदि जैसा महसूस हो सकता है। इसी कड़ी में ड्राई आइस का इस्तेमाल हवादार क्षेत्रों में किया जाता है, साथ ही इसे इंसुलेटेड दस्ताने या चिमटे की मदद से उठाया जाता है।
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