Mar 01, 2024
डायबिटीज दो तरह की होती है एक टाइप-1 और दूसरी टाइप-2 डायबिटीज।
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टाइप-1 डायबिटीज में पैंक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन करना बंद कर देता है। मरीज को शुगर कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है। ये बीमारी जेनेटिक होती है और बचपन में ही बच्चे को अपनी चपेट में ले लेती है।
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टाइप-2 डायबिटीज खराब डाइट और बिगड़ते लाइफस्टाइल का नतीजा है जिसमें पैंक्रियाज इंसुलिन का कम उत्पादन करता है। दवाओं और देसी नुस्खों की मदद से इस डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है।
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डायबिटीज मरीजों की इम्युनिटी कम होने लगती है जिसकी वजह से उनके बीमार होने के चांस ज्यादा रहते हैं। ब्लड शुगर हाई होने से बॉडी में कमजोरी और थकान बनी रहती है।
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अगर आप भरपूर आराम करने के बाद भी खुद को थका हुआ महसूस कर रही हैं, तो ये भी आपकी बॉडी में विटामिन बी12 की कमी के चलते हो सकता है। पर्याप्त बी12 लेवल नहीं होने से रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन कम होने लगता है, जिससे आपकी ऑक्सीजन डिलीवरी और हीमोग्लोबिन लेवल में भी गड़बड़ी होने लगती है और आप खुद को अधिक थका हुआ महसूस करती हैं।
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कमजोरी थकान दूर करने के लिए और ब्लड शुगर नॉर्मल रखने के लिए टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज मरीज खुबानी का सेवन करें। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खुबानी सेहत के लिए उपयोगी है।
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टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज मरीज रोज अखरोट खाएं। हेल्दी फैट, फाइबर, विटमिन्स,मिनरल्स, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फॉरस, कॉपर, सेलेनियम, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड भरपूर अखरोट शुगर कंट्रोल करता है।
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जिन लोगों का ब्लड शुगर हाई रहता है वो रोजाना बादाम का सेवन करें। बॉडी बॉडी को एनर्जी देगा और कमजोरी को दूर करेगा।
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