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Aug 25, 2023 shreya-tyagi
यूरिक एसिड हमारे खून में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है जो प्यूरीन नामक रसायन के टूटने पर बनता है।
किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर कर यूरिन के जरिए बाहर निकाल देती है, लेकिन अधिक मात्रा में होने पर ये जोड़ों में जमा होने लगता है।
शरीर में यूरिक एसिड की अधिक मात्रा हड्डियों को खोखला करना शुरू कर देती है। ऐसे में व्यक्ति को जोड़ों में दर्द, अकड़न, सूजन, आदि का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा हाई यूरिक एसिड डायबिटीज, गठिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
ऐसे में दवाइयों से अलग यूरिक एसिड से पीड़ित लोगों को अपने खानपान पर भी अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है।
हाई यूरिक एसिड के लिए प्यूरीन जिम्मेदार होता है। ऐसे में इससे पीड़ित लोगों का प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहद जरूरी हो जाता है।
गोभी, मशरूम, ज्यादा फैट वाला दूध, राजमा, सूखे मटर आदि में प्यूरीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
मीठी चीजों में भी प्यूरीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। यानी इनका सेवन भी हाई यूरिक एसिड के पीड़ितों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
हाई यूरिक एसिड से पीड़ितों के लिए मीट, सीफूड, मछली, मटन आदि का सेवन किडनी को सड़ाने का काम कर सकता है।
हाई यूरिक एसिड की समस्या से परेशान लोगों को शराब पीना भी अवॉयड करना चाहिए।
शराब का सेवन बॉडी को डिहाइड्रेट करने का काम करता है जिसकी वजह से किडनी की फंक्शनिंग में परेशानी होती है।