Feb 02, 2026
सर्दी होने पर नाक का बहना हमें बहुत परेशान करता है, लेकिन असल में यह हमारे शरीर की डिफेंस सिस्टम का हिस्सा है। जब कोई वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो इम्यून सिस्टम तुरंत एक्टिव हो जाता है और म्यूकस (बलगम) बनाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है।
Source: pexels
म्यूकस हमारे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा परत है। यह हवा के साथ आने वाले वायरस, बैक्टीरिया, धूल और गंदगी को फंसा लेता है ताकि वे फेफड़ों तक न पहुंच सकें। यानी म्यूकस एक तरह से फिल्टर का काम करता है।
Source: pexels
जैसे ही सर्दी के वायरस नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं, वैसे ही म्यूकस बनाने वाली ग्रंथियां ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। इसका मकसद होता है- खतरनाक कीटाणुओं को रोकना और बाहर निकालना।
Source: pexels
सर्दी के शुरुआती दिनों में म्यूकस पतला और ज्यादा मात्रा में बनता है। पतला म्यूकस वायरस को तेजी से बहाकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इसी वजह से नाक लगातार बहती रहती है।
Source: pexels
जब म्यूकस गाढ़ा होने लगता है, तो इसका मतलब है कि शरीर के अंदर इम्यून सेल्स सक्रिय हो चुके हैं। इसमें मरे हुए वायरस और सफेद रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) मिलकर म्यूकस को गाढ़ा बना देती हैं, यह लड़ाई के अगले चरण का संकेत है।
Source: pexels
इन्फेक्शन के दौरान नाक की अंदरूनी रक्त नलिकाएं फैल जाती हैं। इससे सूजन होती है, सांस लेने का रास्ता संकरा हो जाता है और नाक बंद-सी महसूस होती है।
Source: pexels
नाक का बहना इस बात का प्रमाण है कि आपका इम्यून सिस्टम पूरी तरह एक्टिव है और वायरस से मुकाबला कर रहा है। यानी यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की 'सफाई प्रक्रिया' है।
Source: pexels
रात की अच्छी नींद कैसे बदल देती है आपका पूरा दिन, जानिए इसके फायदे