Dec 06, 2024
नींद हमारी लाइफस्टाइल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और सही सोने की स्थिति का चुनाव हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। करवट लेकर सोना, यानी साइड स्लीपिंग, एक ऐसी स्थिति है जिसमें आप अपनी पीठ या पेट के बल न सोकर किसी एक तरफ करवट लेकर सोते हैं। कई लोग अपनी पसंद के अनुसार बाईं या दाईं तरफ करवट लेते हैं।
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कुछ लोग रात के दौरान बार-बार करवट बदलते रहते हैं। यह स्थिति ब्रेन और रीढ़ की हड्डी को सही स्थिति में रखने में मदद कर सकती है और कुछ खास स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती है। लेकिन सवाल यह है कि बायीं या दायीं ओर किस करवट सोना बेहतर है? चलिए इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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1. पाचन में सुधार: बाईं तरफ सोने से पेट और आंतों का संरेखण सही रहता है। यह गैस्ट्रो-इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) के लक्षणों को कम कर सकता है और पाचन तंत्र को सुचारु बनाए रखता है।
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2. गर्भावस्था में लाभकारी: गर्भवती महिलाओं के लिए बाईं तरफ सोना सबसे अच्छा माना जाता है। यह स्थिति गर्भाशय और आंतों में रक्त प्रवाह को बढ़ाती है, जिससे शिशु और मां दोनों को आराम मिलता है।
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3. दिल के स्वास्थ्य के लिए बेहतर: बाईं तरफ सोने से हृदय के चारों ओर रक्त प्रवाह बेहतर होता है और इससे दिल पर दबाव कम होता है। यह स्थिति दिल की सेहत को बनाए रखने में मदद करती है।
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4. सीने में जलन में राहत: जो लोग सीने में जलन (हार्टबर्न) से परेशान हैं, उनके लिए बाईं तरफ सोना फायदेमंद हो सकता है। यह स्थिति पेट और भोजन नली (एसोफेगस) को सही दिशा में रखती है।
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1. स्ट्रेस और एंजाइटी में कमी: दाईं तरफ सोने से नर्वस सिस्टम की गतिविधि कम हो सकती है, जिससे मानसिक तनाव और चिंता में राहत मिलती है।
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2. ब्लड प्रेशर में सुधार: दाईं तरफ सोने से ब्लड प्रेशर और हृदय गति कम हो सकती है। यह स्थिति उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्याओं से परेशान हैं।
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3. बुरे सपनों में कमी: कुछ रिसर्च के अनुसार, दाईं तरफ सोने से बुरे सपनों की संभावना कम हो सकती है। हालांकि, इस पर और अधिक रिसर्च की आवश्यकता है।
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हालांकि बाईं तरफ सोने के अधिक स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, लेकिन यह आपके पर्सनल हेल्थ कंडीशन पर भी निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, ग्लूकोमा के मरीजों को उस तरफ करवट नहीं लेनी चाहिए, जहां आंख का दबाव ज्यादा हो सकता है। स्लीप एपनिया या खर्राटे की समस्या वाले लोगों को पीठ के बल सोने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाएं बाईं तरफ सोने को प्राथमिकता दें।
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