Mar 10, 2024
11 या 12 मार्च से रमजान का पाक महीना शुरू हो रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए ये समय बेहद खास होता है और इस पूरे महीने वे रोज़ा रखते हैं।
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गौरतलब है कि रोज़े के दौरान आप केवल सूरज ढलने के बाद शाम को इफ़्तार में और सुबह सूर्योदय से पहले सुहूर यानी सहरी के समय ही कुछ खा या पी सकते हैं। इससे अलग आपको दिनभर पानी तक पीने की अनुमति नहीं होती है। ऐसे में ये बेहद कठिन हो जाता है।
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वहीं, अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं और इसके बावजूद रोज़ा रखने वाले हैं, तो आपके लिए कुछ खास बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
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सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें। वहीं, अगर हेल्थ एक्सपर्ट्स आपको सहमती दे रहे हैं, तो भी समय-समय पर अपना ब्लड शुगर लेवल टेस्ट करते रहें। किस तरह के खाने से आपके ब्लड शुगर लेवल पर कैसा असर पड़ रहा है, इसके लिए नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करना बेहद जरूरी है।
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सहरी में फाइबर युक्त फूड्स का सेवन अधिक करें। इससे आपको दिनभर ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। दरअसल, फाइबर रिच फूड को पचने में अधिक समय लगता है, ऐसे में इन्हें खाने से शरीर में शुगर की मात्रा एकदम से बढ़ती नहीं है और इस तरह ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है।
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इससे अलग आप दालचीनी से तैयार हर्बल टी का सेवन कर सकते हैं। कई शोध के नतीजे बताते हैं कि दालचीनी इंसुलिन के प्रभाव की नकल कर सकती है और कोशिकाओं में ग्लूकोज परिवहन को बढ़ा सकती है। साथ ही ये बार-बार भूख लगने और शुगर की क्रेविंग को कम करने में भी असरदार है।
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मधुमेह रोगियों के लिए एक्टिव रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में आप कमजोरी महसूस होने पर कुछ योगासन का सहारा ले सकते हैं। आप धनुरासन कर सकते हैं, ये पैंक्रियाज को सक्रिय कर देता है, जिससे इंसुलिन स्पाइक का खतरा कम हो जाता है। बलासन इंसुलिन प्रोड्यूजिंग बीटा सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। इन सब के अलावा स्पाइनल ट्विस्ट भी आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
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इन सब से अलग शरीर में पानी की कमी भी न होने दें। सहरी और इफ़्तार के समय पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
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