Jun 02, 2025
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, सत्य की राह में चलने वाले की निंदा और बुराई अवश्य होती है।
प्रमानंद महाराज कहते हैं कि मनुष्य को सच्ची भक्ति में लीन होकर जीवन को सार्थक करना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं है, सच्ची भक्ति ईश्वर तक पहुंचाती है।
मानसिक शांति सिर्फ वर्तमान में जीने से मिलती है, क्योंकि अतीत और भविष्य केवल भ्रम होते हैं।
प्रेम और करुणा जीवन को सुंदर बनाते हैं। हर व्यक्ति को दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा का भाव रखना चाहिए।
कौन क्या कर रहा है इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए। केवल हमें सुधरना है इस पर ध्यान देना चाहिए।
जो कर्म हम कर रहे हैं, वही हमारे भविष्य को बनाते हैं।
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि अपमान होने पर दुखी न हो, सम्मान होने पर खुश न हो, निंदा होने पर दुख न हो, स्तुति होने पर सुख न हो – यही परमात्मा प्राप्ति का मार्ग है।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार कोई व्यक्ति हमें दुख नहीं देता, बल्कि हमारे कर्म ही उस व्यक्ति के द्वारा दुख के रूप में प्राप्त होते हैं।
कितना मधुर मीठा नाम है राम राम, सभी दुखों-कष्टों का हरण करने वाला राम नाम, बस जपते जाओ।
बांग्लादेश का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर जिसके नाम पर है ढाका