Mar 10, 2023Suneet Kumar Singh

इश़्क को और भी खूबसूरत बना देती है मीर तकी मीर की ये नज्में

- मीर तकी मीर

यूँ उठे आह उस गली से हम जैसे कोई जहाँ से उठता है

मेरे रोने की हक़ीक़त जिस में थी एक मुद्दत तक वो काग़ज़ नम रहा

- मीर तकी मीर

जिन जिन को था ये इश्क़ का आज़ार मर गए अक्सर हमारे साथ के बीमार मर गए

- मीर तकी मीर

शर्त सलीक़ा है हर इक अम्र में ऐब भी करने को हुनर चाहिए

- मीर तकी मीर

अब कर के फ़रामोश तो नाशाद करोगे पर हम जो न होंगे तो बहुत याद करोगे

- मीर तकी मीर

बे-ख़ुदी ले गई कहाँ हम को देर से इंतिज़ार है अपना

- मीर तकी मीर

दिखाई दिए यूँ कि बे-ख़ुद किया हमें आप से भी जुदा कर चले

- मीर तकी मीर

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