हम सभी कभी न कभी आत्म-संदेह यानी सेल्फ-डाउट का सामना करते हैं। यह एक ऐसा भाव है जब हमें खुद पर विश्वास नहीं होता या हम अपनी क्षमताओं पर सवाल उठाते हैं।
लेकिन अगर यह भावना बार-बार या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह हमारे आत्मविश्वास, फैसले और सफलता पर बुरा असर डाल सकती है। आइए जानते हैं सेल्फ-डाउट से निपटने के 9 कारगर उपाय:
खुद को उसी तरह समझें और सहारा दें जैसे आप अपने किसी करीबी दोस्त को देते। गलतियों पर खुद को कोसने के बजाय, सीखने के मौके की तरह देखें और खुद के प्रति दयालु रहें।
जब भी मन में यह ख्याल आए कि "मैं ये नहीं कर सकता", तो खुद से पूछें – "क्या यह सच है?" "क्या इसके पीछे कोई ठोस वजह है?" इस सोच को सकारात्मक पुष्टि (positive affirmations) से बदलें, जैसे – "मैं सक्षम हूं", "मैं लगातार सीख रहा हूं।"
जब भी सेल्फ डाउट घेरे, उन पलों को याद करें जब आपने कुछ अच्छा किया था। आपने जो लक्ष्य पहले पूरे किए हैं, उनके पीछे की मेहनत और कौशल को महसूस करें – यही आपकी असली ताकत है।
ऐसे लोगों के साथ समय बिताएं जो आप पर विश्वास करते हैं, आपका हौसला बढ़ाते हैं और आपको नीचे नहीं गिराते। एक अच्छा सपोर्ट सिस्टम सेल्फ डाउट को कमजोर करता है।
हर दिन 3 चीजों के लिए आभार व्यक्त करें। माइंडफुलनेस मेडिटेशन और वर्तमान में जीने की आदत सेल्फ-डाउट की शोरगुल को शांत करने में मदद करती है।
जानिए कि आपके जीवन में क्या सबसे महत्वपूर्ण है – ऑनेस्टी, क्रिएटिविटी, सेवा या कुछ और। जब आप अपने निर्णय और कार्य इन्हीं मूल्यों के अनुसार करते हैं, तो सेल्फ-डाउट खुद-ब-खुद कम होने लगता है।
जब कोई लक्ष्य बहुत बड़ा लगता है, तो डर और सेल्फ-डाउट हावी हो सकता है। इसलिए उस लक्ष्य को छोटे-छोटे कदमों में बांटें और हर छोटे कदम की उपलब्धि को सेलिब्रेट करें।
हर विचार सच नहीं होता। खासकर वे विचार जो आपको कमतर आंकते हैं। ऐसे विचारों की जांच करें – क्या ये तथ्य हैं या सिर्फ डर? इनका आकलन करना सीखें।
अगर सेल्फ-डाउट आपकी तरक्की में बाधा बन रहा है या आपका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, तो किसी एक्सपर्ट से बात करें। काउंसलिंग या थेरेपी मददगार हो सकती है।