Mar 05, 2026

क्या सुबह 10 बजे से पहले ऑफिस जाना शरीर के लिए है ‘टॉर्चर’, जानिए एक्सपर्ट की राय

Archana Keshri

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बहुत से लोगों के लिए सुबह जल्दी उठकर ऑफिस जाना एक सामान्य दिनचर्या बन चुका है। लेकिन एक नई स्टडी के अनुसार, सुबह 10 बजे से पहले काम शुरू करना हमारे दिमाग और शरीर के लिए किसी 'टॉर्चर' से कम नहीं हो सकता।

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नींद पर किए गए शोध बताते हैं कि इंसान की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) या सर्केडियन रिद्म शरीर के काम करने के समय को कंट्रोल करती है। अगर हम इस प्राकृतिक समय के खिलाफ काम करते हैं, तो इसका सीधा असर हमारी सेहत और मानसिक क्षमता पर पड़ सकता है।

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सर्केडियन रिद्म से टकराता है जल्दी ऑफिस जाना

नींद के एक्सपर्ट्स के अनुसार, अधिकतर लोगों का शरीर सुबह बहुत जल्दी पूरी तरह सक्रिय होने के लिए तैयार नहीं होता। शरीर को पूरी तरह जागने और ऊर्जा प्राप्त करने में समय लगता है। यह दावा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्लीप एक्सपर्ट पॉल केली के नेतृत्व में किए गए शोध से सामने आया है।

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अगर किसी को रोजाना सुबह बहुत जल्दी उठना पड़ता है, तो उसकी प्राकृतिक नींद की प्रक्रिया बाधित होती है। इससे धीरे-धीरे क्रॉनिक स्लीप डिप्रिवेशन यानी लगातार नींद की कमी की समस्या पैदा हो सकती है।

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55 साल से कम उम्र के लोगों पर ज्यादा असर

रिसर्च के अनुसार 55 साल से कम उम्र के लोगों की बायोलॉजिकल क्लॉक कंपैरेटिवली देर से काम करने के लिए बनी होती है। इसलिए उन्हें सुबह जल्दी उठकर काम करना ज्यादा मुश्किल लगता है।

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ऐसे में कई बार लोग सोचते हैं कि वे आलसी हैं या उनमें अनुशासन की कमी है, जबकि असल में यह उनके शरीर की प्राकृतिक संरचना का असर होता है।

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स्वास्थ्य और प्रोडक्टिविटी पर असर

लगातार नींद की कमी से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जैसे: ध्यान और याददाश्त कमजोर होना, थकान और तनाव बढ़ना, कार्यक्षमता में कमी, और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर। जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो काम में फोकस और उत्पादकता दोनों प्रभावित होते हैं।

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समाधान क्या हो सकता है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कार्यस्थलों पर थोड़ा लचीला समय (Flexible Working Hours) अपनाया जाए, तो कर्मचारियों की उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों बेहतर हो सकते हैं।

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काम के समय को शरीर की प्राकृतिक लय के अनुसार तय करने से लोग अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकते हैं और उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ सकती है।

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