Dec 19, 2023 Vivek Yadav
Source: pexels
पूरी दुनिया में हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाता है। छोटे बच्चे सांता क्लॉज का इंतजार करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी शुरूआत कैसे हुई और किसने की थी।
क्रिसमस ईसाई धर्म के लोगों का प्रमुख त्योहार है। इस दिन घर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है और क्रिसमस ट्री लगाया जाता है।
इस दिन तरह-तरह के व्यंजन बनाकर पार्टी करते हैं और केक काटकर इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करते हैं।
25 दिसंबर प्रभु यीशु मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
क्रिसमस शब्द क्राइस्ट मास से निकला है और इसे पहली बार रोमन सम्राट कॉन्सटेंटाइन के शासनकाल में मनाया गया था।
इसके बाद पोप जूलियस ने आधिकारिक तौर पर जीसस क्राइस्ट का जन्मदिन 25 दिसंबर को माने का ऐलान कर दिया और इसी के बाद से ये त्योहार मनाया जाने लगा।
मान्यता है कि, यीशु मसीह का जन्म मरियम के घर हुआ था। उन्हें सपने में भविष्यवाणी हुई थी कि वो प्रभु के पुत्र यीशु को जन्म देंगी।
मान्यताओं के अनुसार 25 मार्च को भविष्यवाणी हुई और नौ महीने बाद 25 दिसंबर को यीशु मसीह का जन्म हुआ जिस दिन को ईसाई धर्म के लोग क्रिसमस के तौर पर मनाते हैं।
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