Feb 18, 2026

सुरक्षित समझकर पी रहे हैं बोतलबंद पानी, रिसर्च में सामने आया नया खतरा

Archana Keshri

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बोतलबंद पानी (Bottled Water) को लोग सुरक्षित और शुद्ध मानकर रोजाना पीते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई रिसर्च ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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रिसर्च के अनुसार, जो लोग रोजाना बोतलबंद पानी पीते हैं, उनके शरीर में हर साल लगभग 90,000 अतिरिक्त माइक्रोप्लास्टिक कण (Microplastic particles) पहुंच सकते हैं।

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क्या होते हैं माइक्रोप्लास्टिक?

माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के बेहद छोटे कण होते हैं, जिन्हें नंगी आंखों से देखना संभव नहीं होता। ये कण प्लास्टिक की बोतलों, पैकेजिंग, बर्तनों और अन्य प्लास्टिक उत्पादों से टूटकर पानी और भोजन में मिल जाते हैं। जब हम ऐसा पानी पीते हैं, तो ये कण हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं।

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रिसर्च में क्या सामने आया?

कनाडा की Concordia University से में हुई रिसर्च में यह पाया गया कि बोतलबंद पानी पीने वाले लोग, नल के पानी पीने वालों की तुलना में हर साल लगभग 90,000 ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक कण निगल लेते हैं। यह कण इतने छोटे होते हैं कि हमें पता भी नहीं चलता, लेकिन हर घूंट के साथ ये शरीर में जमा होते रहते हैं।

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शरीर पर क्या असर पड़ सकता है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबे समय तक माइक्रोप्लास्टिक का शरीर में जमा होना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है, जैसे- शरीर में सूजन बढ़ना, हार्मोनल असंतुलन, सेल्स पर नकारात्मक प्रभाव, और इम्यून सिस्टम पर असर। हालांकि इस पर अभी और रिसर्च जारी है, लेकिन शुरुआती संकेत चिंताजनक हैं।

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'Pure' या 'Filtered' लिखा होने के बावजूद खतरा

कई लोग सोचते हैं कि 'Pure' या 'Filtered' लिखा बोतलबंद पानी पूरी तरह सुरक्षित होता है, लेकिन रिसर्च बताती है कि ऐसे पानी में भी माइक्रोप्लास्टिक पूरी तरह खत्म नहीं होते।

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सिर्फ पानी ही नहीं, ये चीजें भी बढ़ाती हैं खतरा

माइक्रोप्लास्टिक का स्रोत केवल बोतलबंद पानी नहीं है। ये कण प्लास्टिक फूड पैकेजिंग, प्लास्टिक कंटेनर, डिस्पोजेबल कप और बोतलें, प्लास्टिक के बर्तन जैसी चीजों से भी शरीर में पहुंच सकते हैं

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कैसे कम कर सकते हैं माइक्रोप्लास्टिक का खतरा?

कुछ आसान बदलाव करके माइक्रोप्लास्टिक के सेवन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जैसे- फिल्टर किया हुआ नल का पानी पीएं, प्लास्टिक की जगह कांच (Glass) या स्टेनलेस स्टील की बोतल इस्तेमाल करें, और सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचें।

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आपकी छोटी आदतें, बड़ा असर

हर दिन की छोटी-छोटी आदतें आपके स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर बड़ा असर डालती हैं। बोतलबंद पानी की जगह सुरक्षित विकल्प चुनकर आप न केवल अपने शरीर को माइक्रोप्लास्टिक से बचा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे सकते हैं।

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